कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से सरकार और खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने ये विचार किया है कि आने वाले दिनों में खाद्य तेलों में विटामिन ए और डी का मिश्रण होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि विटामिन ए और डी दोनों ही शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में मददगार साबित होता है. इसी को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.

एफएसएसएआई के सीईओ अरुण सिंघल ने कहा,‘एफएसएसएआई खाद्य तेलों को विटामिन ए और डी से संवर्धित करना अनिवार्य बनाने के बारे में विचार कर रहा है ताकि भारत के लोग बेहतर प्रतिरक्षा तंत्र का लाभ ले सकें’. जैसा की आप जानते हैं कि भारत में एक बड़ी आबादी विटामिन ए और डी की कमी से पीड़ित है. हमारे शरीर में इन विटामिनों की कमी रुग्णता, मृत्यु दर, उत्पादकता और आर्थिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है. विटामिन ए और डी इम्युनिटी पावर को मजबूत करते हैं, जो कोविड ​​-19 महामारी के समय में महत्वपूर्ण है.

FSSAI के भीतर फूड फोर्टिफिकेशन रिसोर्स सेंटर प्रक्रिया के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता प्रदान करेगा.वर्तमान में, पैक किए गए खाद्य तेल बेचे गए अखिल भारतीय तेल का 69 प्रतिशत (7.94 मिलियन टन प्रति वर्ष) फोर्टीफाइड है.

सरसो तेल का उपयोग लगभग हर घर में होता है और खाने में इसका इस्तेमाल कई सालों से होता आ रहे है. ऐसे में अब आप इस तेल में कोई मिलावट नहीं कर पाएंगे. अब सिर्फ शुद्ध सरसों के तेल की बिक्री होगी. सरकार ने इसके लिए FSSAI को निर्देश भी दे दिए हैं. और नए दिशा-निर्देशों को एक अक्टूबर से अमल में लाया जाएगा.