Full Cream Or Toned Milk: बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की सेहत के लिए दूध काफी जरूरी माना गया है. डॉक्टर्स भी यही सलाह देते हैं कि दूध का सेवन प्रतिदिन किया जाना चाहिए. बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों को खासतौर पर रोज एक गिलास दूध पीना चाहिए. पर कौन सा दूध? फुल क्रीम या टोंड. अगर आपकी उलझन भी यही है तो आज हम इसके फर्क को समझाते हैं. Also Read - Toned milk vs Full cream milk: टोन्ड मिल्क पीने वाले हो जाइए सावधान, खतरे में है आपका जीवन

क्या है टोंड दूध
सबसे पहले तो ये समझ लीजिए कि टोंड दूध जब बनाया जाता है तो उसमें से वसा को निकाला जाता है. इसमें न्यूनतम वसा शामिल होती है. जो लोग ये चाहते हैं कि उनके दूध में फैट ना हो, उनके लिए ये बेस्ट है. Also Read - दूध के दाम बढ़े, मदर डेयरी ने 3 रुपये, अमूल ने दो रुपये महंगा किया दूध

किसे पीना चाहिए टोंड दूध
जो लोग फैट का उपयोग कर लेते हैं, उन्हें ये दूध नहीं पीना चाहिए. जैसे बच्चों या युवाओं को. चूंकि वे शारीरिक तौर पर एक्टिव रहते हैं ऐसे में फैट उन्हें देना चाहिए. बुजुर्गों का पाचन कमजोर होता है, इसलिए उन्हें ये दूध दे सकते हैं. साथ ही वे लोग जो डायटिंग पर हों, उन्हें ये दूध पीना चाहिए. Also Read - मदर डेयरी का दूध 3 रुपये प्रति लीटर महंगा, जानिए अब कितने में मिलेगा टोन्ड व फुल क्रीम का पैकेट

क्या है फुल क्रीम दूध
ये होल मिल्क होता है. इसमें से क्रीम, फैट को बाहर नहीं निकाला जाता. यह बच्चों, युवाओं के लिए बहुत अच्छा माना गया है.

किसे पीना चाहिए फुल क्रीम दूध
खासतौर पर बच्चों को यही दूध देना चाहिए. ये एक संतुलित आहार है. बच्चों के बढ़ते शरीर के लिए बेहद आवश्यक है.