आज से पितृ पक्ष की शुरुआत हो गई है. लोग पूर्णिमा श्राद्ध करेंगे. पर आज का दिन और भी कई मायनों में खास है. इसकी एक वजह है पूर्णिमा का चांद.

13 सितंबर यानी शुक्रवार, आज आसमान में करीब 20 साल बाद फुल मून का ऐसा नजारा दिखाई देगा जो सालों में नजर आता है.

इसे हार्वेस्ट मून या सुपरमून या फुल मून भी कहा जाता है. ये एक खगोलीय घटना है. इसमें चंद्रमा का आकार काफी विशाल नजर आता है. ‘न्यूजवीक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगली बार यह 13 अगस्त, 2049 में आएगी.

इससे पहले वर्ष 2000 में ऐसा फुल मून बना था. जिसे दुनिया भर ने देखा था. हालांकि भारत में इस फुल मून का पूरा नजारा नहीं देखा जा सकेगा.

भारत में लोग इस खगोलीय घटना की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं.

आज के दिन के खास होने की एक वजह ये भी है कि आज Friday the 13th भी है. दुनियाभर में लाखों लोग Friday the 13th को अशुभ दिन मानते आए हैं.

हार्वेस्ट मून
आमतौर पर सूर्यास्त के औसतन 50 मिनट बाद चांद उगता है. लेकिन हार्वेस्ट मून, सूर्य ढलने के चंद मिनटों बाद ही उग जाता है. इसके चलते शाम ढलते ही आसमान में हल्की सी चांदनी दिखती है. काफी पहले इस समय में किसानों को फसल काटने के दौरान मदद मिलती थी. इसलिए फसल शब्द से जोड़ते हुए इसे हार्वेस्ट मून कहा जाने लगा.