सोना (Gold) ऐसी धातु है, जिसकी खरीदारी पूरे साल होती है. पर शादियों का सीजन शुरू होते ही सोने की बिक्री में उछाल आ जाता है.

शादी के दौरान छोटे सेलिब्रेशन से लेकर लेनदेन तक में सोना ही दिया जाता है. भारत में सोने के प्रति लोगों की ये दीवानगी आज से नहीं है, बल्कि सदियों से ऐसा ही देखा गया है.

मौसम शादी को या किसी तीज-त्‍योहार का मौका हो, सोना खरीदते समय आपको इन बातों का ध्‍यान रखना चाहिए.

क्‍या आप जानते हैं, आपके शरीर का सबसे गंदा भाग कौन सा है?

22 कैरेट या 18 कैरेट- क्‍या मतलब है?

जब सोना खरीदने बाजार जाएं तो ये पूछें कि ज्‍वैलरी कितने कैरेट की है. ज्‍वैलरी में 22 कैरेट या 18 कैरेट गोल्‍ड का इस्‍तेमाल होता है. ये जान लीजिए कि 24 कैरेट गोल्‍ड बिल्‍कुल प्‍योर होता है. इस धातु में ज्‍वैलरी नहीं बन पाती, इसलिए इसमें दूसरी धातु मिक्‍स की जाती है. जितना कैरेट ज्‍यादा होगा ज्‍वैलरी उतनी ही प्‍योर होगी.

कैरेट के मुताबिक कीमत

जब आप कैरेट के बारे में पूछ लें तो अगला स्‍टेप होगी कीमत का. ये समझें कि 22 कैरेट का गोल्ड सस्ता होगा, 24 कैरेट का गोल्ड महंगा. आभूषण 22 कैरेट या उससे कम में बनता है. है इसलिए इसकी कीमत 22 कैरेट के हिसाब से ही होगी, 24 कैरेट के मुताबिक नहीं होगी.

कैसे बनवाएं बिल

बिल पर सोने की प्योरिटी, कीमत, मेकिंग चार्ज जरूर लिखवाएं. सोने की शुद्धता को कैरेट में मापा जाता है. 24 कैरेट का सोना 99.9 प्रतिशत और 22 कैरेट का सोना 92 फीसदी शुद्ध माना जाता है.

मेकिंग चार्ज

आभूषण बनाने का जो चार्ज होता है, उसे गोल्ड मेकिंग चार्ज कहते है. हर दुकान पर ये चार्ज अलग होता है. आभूषणों पर काम जितना बारीक होगा, मेकिंग चार्ज उतना ही ज्यादा होगा. इसलिए ध्यान रखें कि ज्वैलरी पर मेकिंग चार्ज की जो रकम वसूली जा रही है, वो सही हो. जब आप डिस्‍काउंट की बात करते हैं तो ये इसी मेकिंग चार्ज पर दिया जाता है.

Hallmark देखें

बीआईएस हॉलमार्क गोल्ड के शुद्ध होने की गांरटी होता है. इसलिए बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी नहीं खरीदनी चाहिए. सोने की शुद्धता को हॉलमार्क के जरिए जाना जाता है.

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