गुड़ भारत की परंपरा का अटूट हिस्सा है. पूजा की थाली से लेकर खाने की थाली तक इसकी जरूरत होती है. चरक संहिता में भी गुड़ के औषधीय गुणों का जिक्र है.Also Read - UP में हादसों का मंगलवार : एक डबल डेकर और स्कूल बस पलटी, कार पेड़ से टकराई

यूं भी गुड़ में चीनी की तुलना में आयरन, कैलसियम और जरूरी मिनरल अधिक मात्रा में मिलते हैं. Also Read - क्या अब लखनऊ का नाम बदलेगा? CM योगी के एक ट्वीट के बाद चर्चाओं ने पकड़ा जोर

परंपरा में रचे बसे होने के कारण गुड़ को लेकर ढेर सारे मुहावरे भी प्रचलित है. गुड़ के फायदों से हम-आप वाकिफ हैं. इसी गुड़ पर जल्द ही नवाबों के शहर में चर्चा होगी. Also Read - सड़कों पर अर्धनग्न वीडियो बनाने वाला डुप्लीकेट सलमान खान हुआ गिरफ्तार, अजीबोगरीब हरकत से परेशान हो गए थे लोग

चर्चा मामूली नहीं होगी बल्कि आयुष विभाग भी इसमें शामिल होगा. इसमें आयुष विभाग के विशेषज्ञ गुड़ के औषधीय खूबियों के बारे में बताएंगे.

इस चर्चा में गुड़ के उत्कृष्ट उत्पाद बनाने वाले भी अपने अनुभव साझा करेंगे. गन्ना विभाग के विशेषज्ञ गन्ने की खेती को और लाभकारी बनाने के लिए सहफसली खेती, उन्नत प्रजातियों के बारे में चर्चा करेंगे.

गुड़ के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद बनाने वाले तीन स्टॉल लगाने वालों को सरकार की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा. यह सब होगा 6 और 7 मार्च को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान आयोजित होने वाले गुड़ महोत्सव में.
(एजेंसी से इनपुट)