मध्य प्रदेश के ग्वालियर के बारे में जानने के लिए अब ज्यादा परेशान नहीं होना होगा. एक क्लिक से ही इस शहर के तीज-त्योहारों से लेकर यहां के खान-पान और पर्यटन स्थलों की जानकारी हासिल की जा सकेगी.

केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया एवं वन इंडिया प्रोग्राम के तहत एनआईसी ने यह वेबसाइट तैयार की है. www. gwalior.nic.in वेबसाइट एडवांस टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसे वन इंडिया वन पोर्टल की थीम पर तैयार किया गया है.

यह वेबसाइट मोबाइल से लेकर टैबलेट, लैपटॉप, कंप्यूटर पर अलग-अलग न खुलकर एक ही थीम पर खुलेगी.

गौरतलब है कि एनआईसी द्वारा सभी जिलों में वेबसाइट तैयार करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में जिला सूचना विज्ञान केंद्र ग्वालियर ने भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप इसे तैयार किया है. इसकी विशेषता यह है कि यह देश के सभी राज्यों की तरह एक ही थीम पर डिजाइन की गई है.

जिलाधिकारी अनुराग चौधरी ने इस वेबसाइट को गुरुवार को लॉन्च किया. चौधरी का कहना है कि, यह वेबसाइट ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी में डिजाइन की गई है. इसके द्वारा शासन की योजनाओं एवं विभिन्न विभागों की गतिविधियों का प्रचार-प्रसार आसानी से किया जा सकेगा.

उन्होंने कहा, “यह वेबसाइट दो भाषाओं में है, जिससे अंग्रेजी के अलावा हिंदी में भी समान रूप से जानकारी प्राप्त की जा सकेगी.”

चौधरी के अनुसार, ”देश-विदेश में रहते हुए इस वेबसाइट से जिले की संस्कृति, जिले के टूरिस्ट एवं धार्मिक स्थलों, शासन की हितग्राहीमूलक योजनाएं एवं विभिन्न विभागों की गतिवधियों एवं संपर्क विवरण आदि की जानकारी एक क्लिक करते ही मिल जाएगी.”

इसके साथ वेबसाइट से विभिन्न नागरिक सेवाओं से संबंधित ब्योरा हासिल करना आसान है.

बता दें कि ग्वालियर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक तौर पर अपनी महानता है. यह महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि यहां संगीत सम्राट तानसेन हुए, तो वहीं महारानी लक्ष्मी बाई ने बलिदान दिया. इस नगरी से हॉकी के जादूगर ध्यानचंद व उनके भाई रुपसिंह का भी नाता रहा है.

यहां का किला, दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारा, जयविलास पैलेस ऐतिहासिक धरोहर के तौर पर पहचाना जाता है. यह नगरी सिंधिया राजघराने के आधिपत्य में रही है.

इस वेबसाइट के जरिए ग्वालियर जिले की भौगोलिक, आर्थिक, उत्पादन, प्रशासनिक संरचना, जनसांख्यिकी, जिले का मानचित्र आदि की जानकारी आसानी से एक क्लिक पर प्राप्त की जा सकती है. साथ ही फोटो गैलरी के अंतर्गत जिले के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं धार्मिक क्षेत्रों के फोटो देखे जा सकते हैं.

इस वेबसाइट का दृष्टिबाधित लोग भी उपयोग कर सकेंगे. इसे स्क्रीन रीडर की मदद से अंग्रेजी और हिंदी भाषा में यूजर्स द्वारा सुना जा सकता है.