चोट लगी हो या शरीर दर्द हो, हल्‍दी वाला दूध पीने को कहा जाता है. इस दूध के कई गुण भी गिनाए जाते हैं. पर प्रेग्‍नेंसी में ये दूध पीने से मना किया जाता है. इसके पीछे वजह क्‍या है?

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हमारी दादी-नानी के जमाने से हल्दी दूध पीने का चलन रहा है. पहले इसके फायदों के बारे में जानें.

हल्‍दी वाले दूध के फायदे
हल्दी दूध पीने से हजम शक्ति बढ़ती है, नींद अच्छी आती है. जो लोग आर्थराइटिस के शिकार है, वे ये दूध पीते हैं तो उन्‍हें जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है.

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प्रेग्‍नेंसी में क्‍या करें?
इस दूध को पीने से लोग इसलिए मना करते हैं क्‍योंकि वे मानते हैं कि हल्‍दी की तासीर गर्म होती है. ये दूध पीने से कोख में पल रहे बच्‍चे पर असर हो सकता है.

देश के प्रमुख डॉक्‍टर्स का कहना है कि हल्दी दूध का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता और इस बारे में कोई प्रमाण भी नहीं मिला है. हल्दी खरीदने के पहले पैकेजिंग पर ध्यान दें क्योंकि अगर इसमें कोई मिलावट हो यानि लेड या मेटल हो तो वह भ्रूण के लिए मुश्किल नुकसानदेह साबित होता है.

कैसे दूध पीएं
एक चुटकी हल्दी को दूध में मिलाकर सेवन करें. इससे ज्‍यादा ना खाएं. संभव हो तो ऑर्गेनिक हल्दी लें. पर इससे बेहतर होगा कि प्रेग्‍नेंट महिलाएं एक गिलास सादा दूध पीएं, जिससे कैल्शियम और प्रोटीन की आपूर्ती हो सके.

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