अक्सर बड़े-बूढ़े हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं. वे कहते हैं कि हल्‍दी दूध पीने से सर्दी-जुकाम दूर होता है, साथ ही पुराने से पुराना दर्द भी दूर हो जाता है.

जख्‍म भरना हो या पीरियड्स पेन, ये दूध हर मर्ज की दवा है. आखिर हल्‍दी वाला ये दूध इतना फायदेमंद क्‍यों है?

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– आयुर्वेद में हल्दी-दूध को प्राकृतिक रूप से खून साफ करने वाला यानी ब्लड प्यूरीफायर माना जाता है. ये शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है.

– हल्दी वाले दूध में एंटी-इनफ्लेमेटरी तत्व होते हैं. इसकी वजह से ये अर्थराइटिस, पेट के अल्सर से बचाव करता है. आयुर्वेद में हल्दी-दूध को दर्दनिवारक बताया गया है. ये सिरदर्द, सूजन और शरीर दर्द को ठीक करता है.

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– हल्दी-दूध बच्चों के लिए बहुत अच्छा होता है. ये कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को स्वस्थ व मजबूत करता है. हड्डियों में होने वाले नुकसान की ये भरपाई करता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से भी बचाव करता है.

– हल्दी दूध एक एंटी-माइक्रोबायल है, जो बैक्टीरियल इंफेक्शन और वायरल इंफेक्शन के साथ लड़ता है. ये दूध सांस संबंधी समस्याओं से निपटने में मदद करता है, क्योंकि इसे पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है जिसकी वजह से लंग कंजेशन और साइनस में आराम पहुंचता है. ये अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याओं में भी राहत पहुंचाता है.

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– हल्दी-दूध अर्थराइटिस का उपचार करने के लिए भी पिया जा सकता है. ये रूमेटाइड अर्थराइटिस के कारण हुई सूजन को कम करता है.

– इसमें एंटी-वायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. ये सर्दी, जुकाम और गले दर्द से राहत दिलाता है.

– पीरियड्स में क्रैंप और दर्द आम बात है, इसमें दर्द की दवा लेने से बेहतर है कि आप एक ग्लास हल्दी वाला दूध पी लें. इसके एंटीस्पैसमॉडिक गुण क्रैंप और दर्द में राहत पहुंचाते हैं. स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए भी ये दूध फायदेमंद है.

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