Happy Rose Day 2020: ‘संभल कर पांव रखना आशिकों माह-ए-मोहब्बत में, कहीं ऐसा न हो सारा सफ़र बेकार हो जाए’. यूं तो मोहब्बत का कोई ख़ास दिन या महीना नहीं होता है मगर फिर भी फरवरी के इस हफ़्ते को इश्क़ करने वालों ने अपने नाम कर लिया है. आज से वैलेंटाइन का हफ्ता शुरू हो गया है. प्यार के इस हफ्ते का पहला दिन रोज़ डे के नाम से जाना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि आपके  मोहब्बत का इज़हार ग़ुलाब से बेहतर कोई नहीं कर सकता. आज के इसी ख़ास मौके पर हम लाए हैं ग़ुलाब पर कुछ चुनिंदा शायरी जिससे आप अपने दिल के एहसासात को आसानी से बयां कर सकते हैं. Also Read - Valentine Week 2021 Kiss Day: Shilpa Shetty से लेकर Bipasha Basu तक, जब हीरोइनों के Bold KISS ने मचाई थी सनसनी...देखें तस्वीरें

Happy Rose Day 2020: Read here ‘Rose Day’ Special Shayari in Hindi, यहां पढ़े ‘रोज़ डे’ स्पेशल शायरी- Also Read - Valentine Week 2021 Hug Day: Salman से लेकर Abhishek Bachchan तक, जब दुश्मनी भूलकर एक दूसरे के गले मिले ये सितारे...देखें Viral Pictures

मैं चाहता था कि उस को गुलाब पेश करूँ
वो ख़ुद गुलाब था उस को गुलाब क्या देता
– अफ़ज़ल इलाहाबादी Also Read - Happy Rose Day 2021: 'बहारों फूल बरसाओ' से लेकर 'Gulaabo' तक, रोज डे पर अपने प्यार के साथ सुनें ये गानें

सुनो कि अब हम गुलाब देंगे गुलाब लेंगे
मोहब्बतों में कोई ख़सारा नहीं चलेगा
– जावेद अनवर

दिन में आने लगे हैं ख़्वाब मुझे
उस ने भेजा है इक गुलाब मुझे
– इफ़्तिख़ार राग़िब

मेरे होंटों पे ख़ामुशी है बहुत
इन गुलाबों पे तितलियाँ रख दे
– शकील आज़मी

Happy Rose Day 2020: Romantic Shayari for Valentine Week

किसी ने मुझ से कह दिया था ज़िंदगी पे ग़ौर कर
मैं शाख़ पर खिला हुआ गुलाब देखता रहा
– अफ़ज़ाल फ़िरदौस

हुआ है तस्वीर इक तसव्वुर
गुलाब सोचूँ गुलाब देखूँ
– सलीम मुहीउद्दीन

दिल में छप कर भी ख़ुशबुएँ देगी
हर तमन्ना गुलाब है प्यारे
– नवनीत शर्मा

चूम कर इक गुलाब का चेहरा
तितलियों ने भी दिलकशी चक्खी
– नाहीद अख़्तर बलूच

कभी गुलाब से आने लगी महक उस की
कभी वो अंजुम ओ महताब से निकल आया
– महबूब ज़फ़र

Happy Rose Day 2020: Love Shayari in Hindi

भरी बहार में इक शाख़ पर खिला है गुलाब
कि जैसे तू ने हथेली पे गाल रक्खा है
– अहमद फ़राज़

आज ख़ुशबू भरे गुलाबों से
मेरे दामन को भर गया कोई
– सय्यदा नफ़ीस बानो शम्अ

एक ताज़ा गुलाब चेहरे को
एक पुरानी मिसाल कर डाला
– नासिर राव

महक उठे रंग-ए-सुर्ख़ जैसे
खिले चमन में गुलाब इतने
– मुनीर नियाज़ी