नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत मामले की मौत मामले से जुड़े ड्रग्स मामले में अब बॉलीवुड के कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं. NCB अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और बॉलीवुड़ के इस ड्रग गैंग का पर्दाऱाश करने की तैयारी में हैं. सुशांत मामले में जब एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती से पूछताछ की तो इस दौरान कई बड़े नामों का खुलासा हुआ. जिसमें मशहूर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का नाम भी सामने आया है. NCB के हाथ दीपिका पादुकोण और उनकी मैनेजर करिश्मा की कुछ चैट हाथ लगी हैं जिनमें वह अपनी मैनेजर से हैश (HASH) मंगवाने के बारे में बात कर रही हैं. अब सवाल उठता है कि आखिर ये हैश होता क्या है और किस तरह से यह आपके शरीर और दिमाग पर असर डालता है आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ-Also Read - Deepika Padukone ने पति Ranveer Singh को ऐसे विश किया बर्थडे, बोलीं- Tuada Kutta Tommy... See Video

हैश जिसे हशीश भी कहा जाता है. एक किस्म का पौधा होता है. तकरीबन दो फीट ऊंचे इन पौधों की पत्तियों को सुखाकर उससे हशीश बनाई जाती है. और फिर इसे पाइप या फिर कागज में भरकर सिगरेट की तरह पिया जा सकता है. इससे नशा चढ़ता है, उनींदापन भी आता है, लेकिन कोकीन की तरह मतिभ्रम नहीं होता. आजकल के नौजवानों में भी यह नशा काफी लोकप्रिय है. हशीश ठोस या राल युक्त दोनों ही हो सकता है. जबकि प्रेश्ड हशीश आमतौर पर ठोस होता है, जबकि वॉटर प्यूरिफाई किया गया हैश – जिसे अक्सर “बबल मेल्ट हैश” कहा जाता है, या बस “बबल हैश”  अक्सर एक पेस्ट जैसा पदार्थ होता है. इसका रंग हल्के भूरा या डार्क होता है. चरस कैनेबिस के पौधे से निकले रेज़िन से तैयार होती है. रेज़िन यानी पेड़-पौधों से जो चिपचिपा मटेरियल निकलता है वो. हिंदी में इसे राल कहते हैं. चरस को ही हशीश या हैश भी कहते हैं. Also Read - भंसाली के कट कहने पर भी करते रहते थे KISS, वैन में घंटों बिताते थे, ये है रणवीर-दीपिका की Love Story

क्या होता है हैश ऑयल
हशीश तेल (Hash oil) ओलियोरेसिन है जो की मेरीजुआना और भांग के पौधों को निचोड़कर निकाला जाता है. यह गहरे रंग का गाढ़ा द्रव होता है जो की हवा के प्रभाव में आने पर और भी गाढ़ा हो जाता है. हशीश तेल कैनाबिस की सबसे अधिक प्रभावी अवस्था होती है. यह अक्सर धूम्रपान, इनहेल और वेपराईजेशन के रूप में ग्रहण किया जाता है. Also Read - Ranveer- Deepika Padukone की लीक हुईं शादी की अनदेखी तस्वीरें, हाथ में शैंपेन का गिलास लेकर एन्जॉय करते आए नज़र

हैश की किस्में

मलाना क्रीम- यह सबसे फेमस ब्रांड है. यह काफी चिकनी होती है. इसकी खेती हिमाचल और कसौल में की जाती है. यह 10 ग्राम लगभग 1,600 रुपए की मिलती है.

गरदा- इसका मतलब धूल होता है. यह पाकिस्तान से आता है. इसमें बिना कैमिकल्स के विशद्ध तैयारी की जाती है. यह 10 ग्राम लगभग 900 रुपए का मिलता है.

मास स्कंक- यह अफगानी और हवाई की भांग की कलियों का एक मिश्रण होता है. इसमें से काफी खराब बदबू आती है. यह 10 ग्राम लगभग 1,200 रुपए का मिलता है.

एम्सटर्डम ड्रीम- यह काफी खतरनाक मिश्रण होता है और इसकी कीमत भी काफी महंगी होती है. यह 10 ग्राम लगभग 5 हजार रुपए का मिलता है.

इन तरीकों से किया जाता है हैश का नशा

ब्लो बैक- इसमें एक व्यक्ति हैश के धुएं को सामन वाले के मुंह में छोड़ता है.

गांजा चेयर्स- यह म्युजिकल चेयर्स की तरह ही एक गेम होता है इसमें विजेता को अकेले पूरा ज्वाइंट पीना पड़ता है.

हैशर्स कप- यह ऑड-ईवन का एक गेम में इसमें ऑड नंबर ाने पर लड़के हैश का कश लेते हैं और ईवन नंबर आने पर महिलाएं हैश का कश लेती हैं.

हैश ब्राउनी- यह मीठा होता है और इसमें हैश का नशा भी होता है. इन ब्राउनी में हल्का नशा पाया जाता है इसे पार्टी के अंत में खाया जाता है.