नई दिल्ली: पूजा के लिए कमल के फूलों का इस्तेमाल करना काफी शुभ माना जाता है. वहीं दूसरी तरफ कमल केतने का इस्तेमाल सब्जी में किया जाता है. कमल के तने को कमल ककड़ी कहा जाता है. इससे सब्जी बनने के अलावा आचार भी बनता है. इसका उपयोग एशियाई व्ंयजनों में किया जाता है. कमल ककड़ी में विटामिन, मिनरल्स और फाइटोन्यूटरिएंट्स के अलावा पोटेशियम, फास्फोरस, तांबा और विटामिन सी आदि भी पाया जाता है. इसके साथ ही यह फाइबर और प्रोटीन का महत्वपूर्ण स्रोत होता है. आइए, जानते हैं कमल ककड़ी खाने के फायदे- Also Read - पंकजा मुंडे के बैनर से बीजेपी का कमल और पीएम मोदी की तस्वीर नदारद, फिर कयासबाजी

– लोटस स्टेम में मौजूद एक कसैला पदार्थ टैनिन होता है, जो लीवर की रक्षा करता है. एक अध्ययन के अनुसार, कमल ककड़ी में मौजूद कंडेनस टैनिन लिवर से जुड़ी हिपेटोमिगेली (hepatomegaly) और अल्कोहल फैटी लीवर जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है.

– कमल ककड़ी के सेवन से शरीर में Red Blood Cells (लाल रक्त कोशिकाओं) की मात्रा बढ़ जाती है. इससे हीमोग्लोबिन की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है.

– एक रिसर्च के मुताबिक यदि आपको बुखार है, तो आप कमल ककड़ी खाएं. इसमें बुखार को कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं, जो बुखार की दवा के रूप में काम करते हैं. इससे शरीर को ठंडक मिलती है, इसलिए बुखार में जब शरीर का तापमान अधिक हो, तो इसका सूप बनाकर पीड़ित को पिलाएं.

– जो लोग अपना वजन घटाना चाहते हैं उन्हें कमल ककड़ी को अपने भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए. इसमें पोष तत्व बहुत अधिक होते हैं और कैलोरी बेहद कम. इस कारण यह हमारे शरीर को जरूरी ऊर्जा देती है लेकिन फैट नहीं बढ़ने देती.

– कमल ककड़ी दस्त की समस्या को भी कम करती है. कमल की जड़ें उबालकर उस पानी को पिएं.

– स्ट्रेस के मरीजों के लिए कमल ककड़ी काफी फायदेमंद होती है. कमल ककड़ी में पायरोडॉक्सीन अच्छी मात्रा में होता है. स्ट्रेस के मरीजों को कमल ककड़ी अधिक से अधिक खानी चाहिए.