नई दिल्ली: दूध को पूर्ण आहार माना जाता है. दूध हमें कई तरह के फायदे देता है. दूध से हड्डिया, बाल, दांत,और स्किन को कई फायदे मिलते हैं. यह कैल्शियम का सबसे आसान सोर्स होता है. दूध में भरपूर मात्रा में विटामिन्‍स, कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम प्रोटीन आदि जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं. डॉक्टर्स भी रोजाना एक ग्लास दूध पीने की सलाह देते हैं. यह उम्र बढ़ने के साथ शरीर में होने वाली कैल्शियम की कमी को दूर कर देता है. बहुत से लोग दूध सादा पीना पसंद करते हैं जबकि बहुत से लोगों को दूध में चीनी मिलाकर पीने की आदत होती है. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें दूध में मिलाकर पीने से आपनी सेहत पर अच्छा असर पड़ता है. और तो और दूध के फायदे भी कई गुना बढ़ जाते हैं. हम बात कर रहे हैं मिश्री की. मिश्री को दूध में डालकर पीने के कई फायदे होते हैं. मिश्री सेहत को भी कई तरह से फायदा पहुंचाती है. आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में-Also Read - World News: भारत का पड़ोसी श्रीलंका दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया है? 100 ग्राम हरी मिर्च 71रुपये में

– सर्दी के मौसम में व्यक्ति को कई बीमारियों का खतरा रहता है, जिसमें खांसी, जुकाम सबसे आम हैं. ठंड में अक्सर लोगों को खांसी- जुकाम की समस्या सताती है. ऐसे में दूध में मिश्री डालकर पीने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. Also Read - Alert: कहीं आप भी तो नहीं उबालते हैं दूध को बार-बार? यहां जान लें इसके नुकसान

– शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने से खून की कमी होती है, बिना कुछ किए थकान महसूस होती है, कमजोरी का एहसास होता है, कई लोगों को चक्कर भी आते हैं, तो वहीं खून की कमी के कारण कुछ लोगों की रंगत पीली पड़ जाती है. लेकिन मिश्री में इन सभी समस्याओं का समाधान छुपा है. नियमित तौर पर मिश्री का सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तो बढ़ता है. Also Read - इस राज्य ने नहीं चुकाए दूध के 130 करोड़ रुपये, 20 लाख बच्चों के पोषण पर लटकी तलवार

– दूध में मिश्री डालकर पीने से डाइजेस्टिव सिस्टम बेहतर होता है. इसमें डाइजेस्टिव गुण मौजूद होते हैं, जिससे खाना जल्दी और आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है. इसलिए खाना खाने के बाद दूध में मिश्री का सेवन जरूर करें.

– कई लोगों को नाक से खून आने की समस्या होती है. मिश्री खाने से तुंरत ही नाक से खून आना बंद हो जाता है. हालांकि, यह समस्या गर्मी के मौसम में होती है.