नई दिल्ली: भारत एक ऐसा देश है जहां कई तरह के लोग रहते हैं . यहां रहने वाले लोगों की बोली, पहनावा और खानपान भी काफी अलग है. भारत में बनने वाले ज्यादातक खानों में मैदा या जिसे रिफाइंड फ्लोर कहा जाता है का इस्तेमाल किया जाता है. भारत में बनने वाले की तरह के स्ट्रीट फूड्स और डेसर्ट में मैदे का इस्तेमाल किया जाता है. हा जाता है कि मैदा आपके हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है. यह गेंगू के आटे के मुकाबले पचने में अधिक समय लेता है. अक्‍सर जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, वे मैदा से बनी हुई चीजें नहीं खाते है. लेकिन अगर आप एक अलग तरीके से मैदा का सेवन करते हैं तो आपको इससे नुकसान होने की बजाय फायदा मिल सकता है. आइए जानते हैं उस तरीके के बारे में-

बता दें कि मैदा , गेहूं से ही तैयार किया जाता है. गेहूं को रिफाइंड कर उसका छिलका हटाकर मैदा बनाया जिससे उसमें से फाइबर खत्म जाता है. फिर इसके बाद इसे benzoyl peroxide ब्‍लीच किया जाता है जिससे इसको सफेद रंग और टेक्‍सचर दिया जाता है. अधिक मात्रा में मैदे का सेवन करने से यह सेहत के लिए हानिकारक होता है. मैदा काफी बारीक होता है जिससे यह पेट में चिपक जाता है. और आपको कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिससे मैदा खाकर भी आपको कोई नुकसान नहीं होगा.

– मैदे से बनने वाली लगभग सभी चीजों को डीप फ्राई किया जाता है. इससे यह और भी ज्याा हानिकारक हो जाता है. ऐसे में मैदे को डीप फ्रई करने के बजाय उसे एयर फ्राई, स्टीम या बॉयल करें. इससे यह आपको ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाएगा.

– मैदा की कोई डिश बनाए उसमें मैदे के साथ कोई हाई फाइबर आटा जैसे गेहूं, सूजी, बाजरा, ज्वार मिला सकते है. समोसे या कचोड़ी बनाते समय आप इसके आटे में अन्य कोई फाइबर युक्त आटा मिला दें. तो ये नुकसान नहीं करेगा.

– केक या बिस्‍कुट बनाते समय मैदा के साथ कोई दूसरा आटा बराबर मात्रा में मिलाकर बनाएं. जैसे आप ओट्स और मैदा मिलाकर एक शानदर ओट्स केक भी बना सकते हैं.