नई दिल्ली: दूध हमारी सेहत के लिए काफी जरूरी होता है. डॉक्टर्स भी यही सलाह देते हैं कि हमें एक गिलास दूध रोजाना पीना चाहिए. दूध में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने के साथ ही विकास करने में मदद करता है. दूध में कई पोष्क तत्व और एंजाइम होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं. बहुत से लोग दूध को उबालकर पीते हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कच्चा दूध पीना पसंद करते हैं. कच्चे दूध का इस्तेमाल चीज, दही और आइसक्रीम बनाने में किया जाता है. लोगों का मानना है कि कच्चा दूध सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है लेकिन एक रिसर्च में पता चला है कि कच्चा दूध पीने से कई गंभीर बीमारियां होती हैं. Also Read - पैकेट बंद दूध असली है या नकली, इन 7 टिप्‍स की मदद से 2 मिनट में करें पहचान...

लोग मानते हैं कि कच्चे दूध में ज्यादा ऐंटी-माइक्रोबियल होते हैं, जैसे कि इम्यूनोग्लोब्यूलिन, लाइसोजाइम और लेक्टोपरऑक्सिडेस. ये नुकसानदायक जीवाणुओं को रोकते हैं, जिससे दूध खराब होने स बच जाता है. इसके अलावा कच्चे दूध को अस्थमा से लेकर एक्जिमा और अन्य स्किन एलर्जी में कारगर माना गया है. कच्चे दूध में लैक्टेस होता है जो लैक्टोस के पाचन में मदद करता है.

कच्चा दूध पीने के नुकसान

– कच्चे दूध को जिस समय निकाला जाता है, उस समय दूध पशु के थन, या कभी-कभी जानवरों के मल के संपर्क में भी आ जाता है. जिससे दूध के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है.

– कच्चा दूध कई बीमारियों से संक्रमित होता है. ऐसे में इसे पीने पर मतली, उच्यी या डायरिया होने की समस्या हो सकती है.

– कच्चा दूध में हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं जो टीबी के साथ-साथ कई जानलेवा बीमारी दे सकते हैं.

– शरीर का एसिड लेवल कंट्रोल रहना बहुत ही जरूरी है, लेकिन कच्चा दूध पीने से शरीर में एसिडिटी की मात्रा बढ़ जाती है.

– ट्रल पीएच बैलेंस, भरपूर मात्रा में पानी और अन्य पोषक तत्वों की मौजूदगी के कारण कच्चे दूध में बैक्टीरिया अधिक पनपते हैं और लंबे समय तक जिंदा रहते हैं. यही वजह है कि कच्चा दूध जल्दी खराब भी हो जाता है.