नई दिल्ली: भारत एक ऐसा देश हैं जहां आपको चावल खाने के शौकीन लोग ज्यादा मिल जाएंगे. भारत के कुछ राज्य तो ऐसे हैं जहां सिर्फ चावल ही खाया जाता हैं. लेकिन फिटनेस और वजन कम करने के कारण हम चावल नहीं खा पाते. लोगों का मानना है कि चावल खाने वजन बढ़ता है. चावल में कार्बोहाइड्रेट्स काफी मात्रा में पाया जाता है. जो शरीर में एनर्जी बढ़ाने का काम करता हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में कोर्बोहाइड्रेट का सेवन करने से वजन और शुगर दोनों बढ़ाता है यही वजह है कि मोटे लोगों को चावल कम खाने की सलाह दी जाती है. Also Read - Sabudana Benefits For Babies: शिशुओं के लिए किसी पावरफूड से कम नहीं है साबूदाना, यहां जानें इसके फायदे

ऐसे में अगर आप भी चावल खाने के शौकीन हैं लेकिन खा नहीं पा रहे हैं तो अब आपको मन मारने की कोई जरूरत नहीं है अब आप जी भरकर चावल खा सकते हैं. और इससे आपका वजन भी नहीं बढ़ेगा. जी हां पड़ोसी देश श्रीलंका के वैज्ञानिकों की टीम ने चावल पकाने और खाने का एक ऐसा तरीका खोजा है जिससे चावल में मौजूद कैलोरीज सिर्फ आधी रह जाती हैं. इस तरीके को दुनियाभर में पसंद किया जा रहा है. अगर आप भी ऐसे ही चावल पकाने और खाने की आदत डाल लेते हैं तो चावल खाने से आप कभी मोटे नहीं होंगे. Also Read - Health Tips: पेट में गैस की समस्या को बढ़ा देती है ये आदतें, निवारण से पहले जानें कारण

इस तरह बनाएं चावल Also Read - Sharad Purnima 2020: किसी अमृत से कम नहीं है शरद पूर्णिमा पर बनने वाली खीर, दूर होती हैं ये सभी बीमारियां

– चावल को अच्छी तरह धोकर उसे 15 मिनट तक पानी में भिगो दें.
– कुकर में 1 चम्मच नारियल का तेल डालें.
– तेल में चावल को 1 मिनट तक फ्राई करें और फिर पानी डालकर कुकर बंद कर दें और बिलकुल धीमी आंच पर इसे पकाने दें.
– चावल को पकाने के बाद ठंडा होने दें और फिर इसे 12 घंटे तक फ्रिज में रख दें.
– 12 घंटे बाद आप चावल को चाहे तो नॉर्मल होने पर या या दोबारा गर्म करके खा लें.

इस तरह चावल खाने का फायदा

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस तरह चावल पकाकर खाने से चावल में मौजूद 50%-60% कैलोरीज कम हो जाती हैं. जिससे वजन बढ़ने का खतरा कम हो जाता है. अगर आप लंबे वक्त तक ऐसे पकाए हुए चावल खाते हैं तो इससे आपका वजन कम भी हो सकता है. चावल में से कैलरी कम करने का एक और कारगर तरीका यह है कि इससे पानी निकाल लिया जाए. चावल को उबालें और जब पानी गाढ़ा हो जाए तो उसे फेंक दें. यह पानी स्टार्च से भरा होता है.