मानसून सीजन आने वाला है. इस बदलते मौसम में स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर कई तरह की परेशानियां होती हैं. ऐसे में हेल्‍थ को लेकर ज्‍यादा कॉन्‍शस रहने की जरूरत होती है.

डॉक्‍टर्स कहते हैं कि इस मौसम में खूब पानी पीना चाहिए. औसतन 8 गिलास. डॉक्‍टर्स कहते हैं कि जिस व्यक्ति की दोनों किडनी ठीक काम कर रही हों, उसे दिन में अपने शरीर के वजन के अनुपात में प्रति एक किलोग्राम पर 30 मिलीलीटर पानी पीना चाहिए.

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल कहते हैं कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, हम पानी पीना कम कर देते हैं, लेकिन आवश्यक मात्रा में पानी पीना हमारे शरीर के लिए बेहद आवश्यक है.

उन्होंने बताया कि किडनी का रोग होने पर ज्यादा पानी पीने से किडनी को कोई फायदा नहीं होता, बल्कि डॉक्टर पानी पीने की सीमा तय कर सकता है.

डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, जब तक किडनियों की कार्यप्रणाली 10 से 15 मिलीलीटर प्रति मिनट से कम न हो जाए, तो आम तौर पर होमियोस्टेटिक मैकनिज्म के जरिए सोडियम और इंट्रावस्कुलर वोल्यूम बैलेंस बना रहता है.

उन्होंने बताया कि उल्टी, डायरिया, ड्यूरेटिक या हायपोवोल्मिया होने पर गुर्दो की कार्यप्रणाली कमजोर पड़ सकती है. उल्टी या दस्त के कारण शरीर में कम हुई तरलता की भरपाई के लिए ऐसे मरीजों को अधिक पानी की जरूरत होती है.

डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि मौसम, आपके पानी की जरूरत पर असर करता है. गर्म मौसम में पसीने की वजह से जाने वाले पानी की पूर्ति के लिए ज्यादा पानी पीना चाहिए. ऊंचाई पर रहने वाले लोगों को भी ज्यादा पानी पीना चाहिए, क्योंकि ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से सांस ज्यादा तेजी से चलती है और उस दौरान नमी का ज्यादा नुकसान होता है.
(एजेंसी से इनपुट)