नई दिल्ली: होली का त्योहार हो गुझिया ना हो, तो रौनक फीकी पड़ जाती है. गुझिया उत्तर भारत का मशहूर पकवान है. इसे खासतौर पर होली के समय बनाया जाता है. Also Read - पति विक्रांत संग मोनालिसा ने जमकर खेली होली, प्यार के रंगों में डूबा ये कपल

Also Read - सारा अली खान ने बनारस में खास अंदाज में मनाई होली, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ VIDEO

कई लोग बाजार से खरीदकर गुझिया खाना पसंद करते हैं. पर दिक्कत ये है कि त्योहारों के समय में इनमें मिलावट की कई खबरें आती हैं. ऐसे में कुछ स्टेप्स को अपनाकर आप मिलावटी गुझिया खरीदने से बच सकते हैं. Also Read - मीरा राजपूत ने जाहिर किया प्यार, गर्दन पर बनवाया शाहिद के नाम का टैटू

– गुझिया को शुद्ध घी में बनने के विज्ञापन पर ना जाएं. इसलिए उसी दुकान से गुझिया खरीदें जो लाइसेंस प्राप्त विश्वसनीय दुकान हो. साथ ही दुकान में स्वच्छता के सभी मानकों का पूरा ध्यान रखा जाता हो. जहां खुले में गुझिया रखी हो, मक्खियां लग रही हों ऐसी जगह से गझिया ना खरीदें.

यह भी पढ़ें: Holi 2018: होली के दिन कही जाती है ये कथा, मिलती है ईश्वर कृपा

– अक्सर नकली मावे के कारण दुकान से गुझिया खरीदने में रिस्क रहता है. इसलिए गुझिया तोड़कर अंदर की फिलिंग को सूंघकर देखें. अगर बासी या सड़ी महक आए तो ना खरीदें.

gujiya 2

– अगर आपको मावे की पहचान करनी है तो हथेली पर खोए की गोली बनाएं. अगर मावा फटने लगे तो समझ लें कि मावा नकली है.

यह भी पढ़ें: Holi 2018: जानें होली और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

-अगर आप घर पर गुझिया बना रहे हैं और बाजार से मावा लाते हैं तो स्टार्च की मौजूदगी की जांच के लिए खोया को परखकर लाएं. खोए की थोड़ी सी मात्रा खरीदकर घर पर उसे पानी में उबाल लें और ठंडा होने पर इसमें दो बूंद आयोडिन मिला दें, अगर यह नीला पड़ जाता है तो फिर इसका मतलब यह कि स्टार्च के साथ मिलावटी खोया है.

– खोये को अंगूठे और उगंलियों के बीच मसलकर भी इसकी शुद्धता को परखा जा सकता है, अगर यह शुद्ध होगा तो मसलने से इसमें से तेल निकलेगा।