हम में से अधिकतर लोगों की सोच यही होती है कि बच्चों की अच्छी परफॉमेंस के लिए उन्हें पढ़ाना जरूरी है. जितना उन्हें पढ़ाया जाए, वे परीक्षा में उतना अच्छा परफॉर्म करते हैं.

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पर ऐसा क्या है जो पढ़ाई के अलावा उनकी परफॉमेंस से जुड़ा है. हम बताते हैं. वो है नींद. जिस तरह स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है उसी तरह भरपूर नींद से बच्चों के ग्रेड में काफी सुधार आ सकता है.

Studying

ये बात एक नए शोध में सामने आई है. अमेरिका के बायलर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने छात्रों पर एक शोध किया. इस दौरान उन्हें ‘8-घंटे चुनौती’ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया. इसमें उन्हें परीक्षा के सप्ताह में पांच रातों के दौरान औसतन आठ घंटे का नींद पूरी करने पर कुछ अतिरिक्त अंक दिए गए.

अध्ययन में पता चला कि जिन लोगों ने चुनौती को पूरा किया उन लोगों ने परीक्षा में बेहतर किया.

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बायलर विश्वविद्यालय के माइकल स्कुलिन कहते हैं, ‘अच्छी नींद लेने से परीक्षा में किसी प्रकार के नुकसान की बजाए मदद मिली. यह छात्रों की उस विचारधारा के एकदम विपरीत है कि उन्हें या तो पढ़ाई कुर्बान करनी पड़ेगी या अपनी नींद’.

विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एलिस किंग कहते हैं, ‘छात्र यह जानते हैं कि स्कूल का काम समाप्त करने के लिए नींद कुर्बान करना उचित नहीं है लेकिन वे मान लेते हैं कि उनके पास कोई विकल्प नहीं है और वे मान लेते हैं कि कोर्स का काम,अन्य गतिविधियों तथा नौकरी और अन्य कामों के लिए दिन के घंटे पर्याप्त नहीं है’.
(एजेंसी से इनपुट)

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