Hug Day 2020: मोहब्बत के इस हफ़्ते में आज का दिन गिले शिकवे को भुलाकर गले लगाने का है. इश्क़ में अक्सर परेशानियां दिल के दरवाज़े पर बारहा दस्तक देती हैं. कुछ लोग इन परेशानियों से अपने रिश्ते को और अपने आप को रिहा करने में कामयाब हो पाते हैं वहीं कुछ लोग इन दिक्कतों के तले रिश्ते की सांसें उखड़ते हुए देखते हैं. इन सभी मसलों में कुछ काम आता है तो बस एक गर्माहट भरी झप्पी, एक सुकून भरा कंधा और भरोसे वाली हथेली. वैलेंटाइन वीक में आज का दिन लोग ‘हग डे’ (Hug Day) के रूप में मनाते हैं. कसी भी रिश्ते को पकने से पहले उसे गले लगाना ज़रूरी है. आज के इसी ख़ूबसूरत दिन में हम पेश कर रहे हैं कुछ बेहतरीन और चुनिंदा शायरी जो ‘हग डे’ यानी गले मिलने के एहसास को ज़िंदा करेगी.

Happy Hug Day- Read ‘Hug Day’ Shayari in Hindi- यहां पढ़िए ‘हग डे’ पर हिंदी में शायरी: 

कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो
(बशीर बद्र)

फिर मुलाक़ात देखें हो कि ना हो
आज दिल खोल कर गले मिल लो
(मिर्ज़ा शौक़ लखनवी)

हो गया रुख़्सत गले मिल कर कोई
तुम भी रख कर दिल पर अब पत्थर चलो
(शबाब ललित)

ख़ुद से भी मिलता नहीं मैं तुझ गले मिलने के बाद
साथ रखने में तिरी ख़ुशबू हुनर मेरा भी है
(नवनीत शर्मा)

Valentine Week Hug Day Shayari- ‘गले’ मिलने पर शायरी 

रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी
(जलील मानिकपूरी)

इस खार-मिजाजी में फूलों की तरह खिलना
सौ बार गिले करना इक बार गले मिलना
(रउफ खलिश)

मैं लड़खड़ाया तो मुझ को गले लगाने लगे
गुनाहगार भी मेरी हंसी उड़ाने लगे
जिन्हों ने कांटों पे चलना हमें सिखाया था
हमारी राह में वो फूल अब बिछाने लगे
(सुल्तान अख्तर)

सूरत तो दिखाते हैं गले से नहीं मिलते
आंखों की तो सुन लेते हैं दिल की नहीं सुनते
(लाला माधव राम जौहर)