नई दिल्ली: देश में हजारों स्मार्टफोन यूजर्स शुक्रवार को आश्चर्यचकित रह गए, जब उन्होंने पाया कि यूआईडीएआई का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर उनके फोन बुक में अपने आप सेव हो गया है. एक यूजर ने सेव्ड नंबर का स्क्रीन शॉट ट्वीट करते हुए लिखा, “यह कोई मजाक नहीं है. मेरे फोन में भी ऐसा हुआ है. मैंने इस नंबर को सेव नहीं किया था. जल्दी से अपना फोन भी चेक करें, मुझे चिंता हो रही है.” एक दूसरे यूजर ने ट्वीट किया, “ये कैसे हुआ कि यह नंबर मेरे फोन बुक में आ गया? अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो आप गतिविधियों की निगरानी भी कर सकते हैं.”Also Read - पुराने एंड्राइड फोन यूजर्स को Google ने दिया झटका, नहीं चला सकेंगे Google Maps, Gmail और YouTube

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने हालांकि कहा कि कुछ निहित हितों के कारण ‘जानबूझकर’ जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है और प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उसने किसी निर्माता या दूरसंचार सेवा प्रदाता से ऐसी सुविधा प्रदान करने के लिए नहीं कहा है. Also Read - Best Phone Under 5000 : पांच हजार रुपये से कम कीमत में ये हैं बेस्ट स्मार्टफोन

एक फ्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ एलियट एल्डरसन ने यूआईडीएआई से ट्विटर पर पूछा, “कई लोग, जिनके अलग-अलग सेवा प्रदाता हैं, चाहे उनके पास आधार कार्ड हो या ना हो या उन्होंने आधार एप इंस्टाल किया है या नहीं किया है. उन्होंने अपने फोन में नोटिस किया होगा कि बिना अपने कांटैक्ट लिस्ट में जोड़े आधार का हेल्पलाइन नंबर क्यों आ रहा है. क्या आप इसकी सफाई दे सकते हैं, क्यों?” Also Read - How to Find Phone Using Google : गूगल की मदद से ऐसे ढूंढे खोया फोन

इस बहस में कई लोग शामिल हुए और उन्होंने अपने फोन में एकाएक आधार नंबर के आने के स्क्रीन शॉट्स को साझा करना शुरू कर दिया. एक ट्विटर यूजर ने कहा, “हां, यह सच है. यूआईडीएआई का हेल्पलाइन नंबर मेरे फोन बुक में जादू से आ गया. वे हमारा पीछा कर रहे हैं, जैसे एनएसए अमेरिका में करता है?”

वहीं, यूआईडीएआई का कहना है कि एंड्रायड फोन्स में जो आधार हेल्पलाइन नंबर दिख रहा है, वह पुराना है और वैध नहीं है. आधिकारिक बयान में कहा गया, “यूआईडीएआई का वैध टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1947 है जो पिछले दो सालों से ज्यादा समय से चल रहा है.”

ज्‍यादातर नए एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन में जीमेल एकाउंट को लिंक करने की बाध्‍यता होती है. ऐसा करने से कांटेक्‍ट लिस्‍ट फोन में अपने आप अपडेट हो जाती है. जानकारों की मानें तो प्राधिकरण का नंबर वहीं से हर फोन में अपडेट हुआ है. 18003001947 प्राधिकरण का पुराना नंबर है जो अब इस्‍तेमाल में नहीं है. इसलिए अगर आपको फोन में यह नंबर दिख रहा है तो उसे एडिट कर 1947 कर लें, जो वर्किंग है.