मौसम तेजी से बदल रहा है और बहुत जल्द ही ठंड दस्तक देने वाला है, ऐसे में इस वक्त उन लोगों का खास ख्याल रखना चाहिए जो दिल के मरीज हैं क्योंकि इन दिनों उन्ही को सेहत से जुड़ी कई सारी परेशानियां हो जाती हैं. दरअसल सर्दियों के मौसम में अस्पताल में भर्ती होने की दर व हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) की संख्या बढ़ जाती है. Also Read - शिवराज सिंह चौहान के ससुर का हुआ निधन, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

सर्दियों के इस प्रभाव की जानकारी से मरीजों और उनके परिवारवालों को लक्षणों के प्रति ज्यादा ध्यान देना चाहिए. क्योंकि इस दौरान कई सारी ऐसी चीजें आपको प्रभावित कर जाती है जिसके बारे में आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं. ऐसे में इस दौरान आप अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए अच्छा खान-पान रखें ताकि आप लंबे समय तक सेहतमंद रहें. साथ ही हम आपको बताएंगे कि आखिर क्यों ठंड के मौसम में हार्ट से जुड़े मरीजों को अपना खास ख्याल रखना चाहिए. Also Read - हार्ट सर्जरी के बाद रिकवरी की राह पर हैं पूर्व दिग्गज कपिल देव, साथी खिलाड़ी चेतन शर्मा ने पोस्ट की तस्वीरें

क्यों होता है ठंड में हार्ट फेल‍ियर
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंड में कई बार हमारे शरीर को आवश्यक्ता के अनुसार ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की जरूरतों को पूरा करने के हिसाब से हमारी बॉडी में पर्याप्त मात्रा में खून पंप नहीं हो पाता है जिस वजह से कई बार दिल कमजोर पड़ जाता है और साथ ही हृदय की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं. ठंड के मौसम में तापमान कम हो जाता है, जिससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाते हैं, जिससे शरीर में खून का संचार अवरोधित होता है. इससे हृदय तक ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिसका अर्थ है कि हृदय को शरीर में खून और ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अतिरिक्त श्रम करना पड़ता है, जिस वजह से मरीजों को दिक्कतो का सामना करना पड़ता है. Also Read - बस चलाते समय ड्राइवर को पड़ा दिल का दौरा, नजदीकी दुकान में जा घुसा वाहन

हार्ट फेल में इन बातों का रखें ध्यान
1. ठंडा मौसम, धुंध और प्रदूषक जमीन के और करीब आकर बैठ जाते हैं, जिससे छाती में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और सांस लेने में परेशानी पैदा हो जाती है. ऐसे में हार्ट के मरीजों को इससे परेशानी होते हैं और ये बातें उनकी सेहत को खराब कर देती हैं

2. इसके साथ ही ठंड में पसीना कम निकलता है और यही वजह है कि फफड़ो में पानी जमा हो जाता है जिस वजह से भी हार्ट फेल हो जाता है.

3.सूरज की रोशनी से मिलने वाला विटामिन-डी, हृदय में स्कार टिशूज को बनने से रोकता है, जिससे हार्ट अटैक के बाद, हार्ट फेल में बचाव होता है। सर्दियों के मौसम में सही मात्रा में धूप नहीं मिलने से, विटामिन-डी के स्तर को कम कर देता है, जिससे हार्ट फेल का खतरा बढ़ जाता है

4.अगर आपको दिल की बीमारी है तो आप आलस छोड़े दें और पहले अपनी सेहत का खास ख्याल रखें और हर दिन एक्‍सरसाइज करें. अगर सुबह में ठंडी बहुत है तो घर पर ही रहकर करें नहीं तो शाम के समय का उपयोग करें. इके साथ ही अपने डॉक्टर से हमेशा संपर्क में रहे हैं रक्तचाप की जांच कराते रहें.