आजकल हर किसी को सिरदर्द की शिकायत होती है, लेकिन हैरानी की बात ये है की आजकल बच्चों में भी ये बेहद आम होता चला रहा है जो अपने आप में परेशानी का सबब है. एक रिर्सच मे ये सामने आया है की स्कूल जानें वाली 50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों में सिरदर्द की शिकायत होती है. Also Read - Potassium Rich Foods: सिरदर्द से रहते हैं अक्सर परेशान, तो इन फूड्स की मदद से पोटेशियम की कमी को करें पूरा

हालांकि ऐसा नहीं है सिरदर्द किसी बीमारी की वजह से भी हो सकता है, कई बार बच्चों में पढ़ाई में अच्छा ना होना या बाकि गतिविधि की वजह से बच्चों में सिरदर्द का मुख्य कारण होता है. ऐसे में चलिए जाने हैं कि बच्चों में किस तरह के सिरदर्द की परेशानी हो सकती है और आप कैसे इसका पता लगा सकती हैं. ध्यान रहे की अगर आपका बच्चा बार-बार सिरदर्द कि शिकायत करता है तो ऐसे में आप इसे नजरअंदाज ना करें बल्कि आप तुंरत डॉक्टर को दिखाएं.

1. तनाव की वजह से दर्द
कई बार बच्चे बेवजह तनाव लेने लगते हैं जिस वजह से उनका सिरदर्द माथे की दोनों तरफ होना लगता है. इसकी वजह से सिर और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है. आजकल टीनएजर्स और बच्चों में सबसे ज्यादा तनाव की वजह से ही सिरदर्द होता है. तनावग्रस्त होने या थकावट महसूस करने से सिर और गर्दन की रक्त प्रवाह बाधित होती है जिस वजह से सिरदर्द होता है.

2. रुक-रुक कर होने वाले सिरदर्द
कुछ बच्चों में सिरदर्द की शिकायत रुक-रुक कर होती है. एक बार शुरु होने पर ये दर्द लगभगल 15 मिनट तक रहता है. इस सिरदर्द में माथे की एक तरफ तेज दर्द होता है, जो बहुत परेशान करता है. इस दर्द से आपको बेचैनी,आंखों में पानी आना,नाक बंद होने जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं.

3. माइग्रेन
कुछ बच्चों को माइग्रेन का सिरदर्द भी होता है, इस वजह से सिर के एक तरफ तेज दर्द होता है. जिसक वजह से मांसपेशियों में खिंचाव होता है. माइग्रेम के दर्द में उल्टी,बेटैनी या मितली जैसी समस्या भी आम होने लगती है.

4. ठीक से ना सोना
तनाव, नींद न आना और थकावट की वजह से भी बच्चों में सिरदर्द हो सकता है. जरूरत से ज्यादा शारीरिक गतिविधि, आंखों पर जोर पड़ने, फ्लू या वायरस इंफेक्शन की वजह से भी सिरदर्द हो सकता है. अगर आपका बच्चा सामान्य से अधिक सिरदर्द की शिकायत करता है, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.