नई दिल्‍ली: गुडी पड़वा और युगाडी भारत के कई राज्यों में मनाया जाता है. इस साल गुड़ी पड़वा 18 मार्च को है. लोग इस समय को सभी बहुत पवित्र मानते है, इसलिए इस अवसर पर महाराष्ट्र में गुड़ी बनाकर घर के बाहर लगाया जाता है और श्रीखंड और पुरी खाया जाता है. जबकि भारत के दक्षिण प्रांत में इसी दिन युगाडी मनाया जाता है. लेकिन दोनों प्रांतों में एक समानता यह है कि लोग इस दिन नीम और गुड़ ज़रूर खाते हैं. क्या आपने यह सोचा है कि यह प्रथा क्यों है? आदिकाल से नीम-गुड़ खाने की प्रथा चली आ रही है, इसके पीछे भी कोई कारण ज़रूर होगा. यह समय ऐसा होता है जब मौसम अपना रंग बदलता है और अपने साथ कई बीमारियों को लेकर आता है. Also Read - सोनाली बेंद्रे ने लोगों को दी गुडी पाड़वा की बधाई, सोशल मीडिया पर शेयर की '#Throwback' फोटो

ऐसी मान्‍यता है कि यह खुशी और दुख का प्रतीक होता है. लेकिन असल में नीम और गुड़ में बहुत सारे हेल्दी गुण होते हैं जो शरीर को स्वास्थ्य और सौन्दर्य दोनों तरफ से बहुत लाभ पहुंचाते हैं. Also Read - Gudi Padwa 2020: लॉकडाउन की वजह से महाराष्ट्र में लोग घरों में ही मना रहे हैं गुडी पाडवा

नीम के फायदे:
गर्मी के मौसम के आते ही कई तरह की त्वचा संबंधी रोग होने की आशंका बढ़ जाती है, नीम इसके संभावना को कम करने में मदद करता है. नीम का एन्टी बैक्टिरीअल गुण शरीर के प्रतिरक्षी तंत्र (immune system) को मजबूत करने में मदद करता है.
डाइबीटिज को कंट्रोल करने में कारगर होता है. Also Read - Winter Tips: देसी टॉनिक है गुड़, रोज खाएं सर्दी दूर भगाएं

गर्मी के कारण पेट संबंधी बहुत सारी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है, उससे निजात दिलाने में नीम बहुत मदद करता है. साथ ही मौसम के बदलाव के कारण गठिया और मांसपेशियों का दर्द या सूजन बढ़ता है, इससे भी राहत दिलाने में सहायता करता है. यह पेट की चर्बी कम करने में सबसे ज्‍यादा मदद करता है. रूसी, बालों का झड़ना, खुजली, मुंहासे आदि से राहत दिलाने में तो नीम का कोई विकल्प ही नहीं है.

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गुड़ के फायदे:
मीठे में गुड़ सबसे हेल्दी विकल्प होता है. बदलते मौसम में जब संक्रामक रोगों का सबसे ज्‍यादा खतरा होता है, ऐसे में गुड़ खाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. गुड़ पाचन तंत्र को सुधारता है. इसे खाने के बाद एसिडिटी होने की आशंका कम ही होती है. गुड़ में मिनरल, कार्बोहाइड्रेड और कई तरह के पौष्टिक तत्व होते हैं.

मौसम के बदलने के कारण श्वसन संबंधी (respiratory) कई प्रकार के रोग होते हैं उससे लड़ने में मददगार और कारगर साबित होता है. साथ ही यह संतुलित आहार के वर्ग में आता है. इसलिए गुड़ का सेवन करने से स्वास्थ्य के साथ सौन्दर्य भी बढ़ता है. गुड़ में जो फाइबर होता है वह पेट को साफ रखने में मदद करता है, जिससे त्वचा में निखार आता है. इसलिए नीम और गुड़ खायें और निरोग होने की दिशा में अपना कदम बढ़ाएं.