नई दिल्ली: प्याज का इस्तेमाल लगभग सभी घरों में किया जाता है. प्याज को सब्जी, सलाद और कई अन्य चीजों में भी लोग उपयेग में लाते हैं. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जिस प्याज का आप इस्तेमाल करते हैं उसके क्या लाभ होते हैं. गर्मियों का सीजन शुरू हो चुका है. ऐसे में प्याज खाना आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. प्याज में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं जो गर्मी में शरीर को लड़ने की ताकत देते हैं. प्याज में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, बी6, बी-कॉम्प्लेक्स और सी भी पाया जाता है. प्याज में आयरन, फोलेट और पोटैशियम जैसे खनिज भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं. आइए जानते हैं नगर्मियों में प्याज खाने के और क्या फायदे होते हैं. Also Read - Onion Benefits In Hindi: रोजाना बिस्तर के पास रखकर सोएं एक प्याज, फायदे आपको भी कर देंगे हैरान

प्याज खाने के फायदे- Also Read - Pyaz Ke Juice Ke Fayde: प्याज के रस के साथ मिलाएं ये चीजें, सिर्फ 1 महीने में मिलेगा बालों की हर समस्या से छुटकारा

– प्याज का इस्तेमाल ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करने का काम करता है. मधुमेह के मरीजों के लिए यह काफी फायदेमंद होता है. Also Read - Onion price control: इस सीजन में आंखों के आंसू नहीं निकाल पाएगा प्याज, रिकॉर्ड 2 लाख टन बफर स्टॉक बनाएगी सरकार

– प्याज में पाया जाने वाला क्वेरसेटिन गुण ह्रदय के लिए भी अच्छा है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जिससे ह्रदय बेहतर तरीके से काम कर सकता है. प्याज कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी संतुलित कर सकता है, जो ह्रदय के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्याज में फ्लेवोनोइड होता है, जो मोटे लोगों में एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है.

– प्याज में पाया जाने वाला क्वेरसेटिन इतना असरकारी है कि यह ल्यूकोट्रिएन, प्रोस्टाग्लैंडिंस और हिस्टामाइन के प्रभाव को कम कर सकता है. ये सभी ऑस्टियोअर्थराइटिस व रुमेटाइड अर्थराइटिस में सूजन का कारण बनते हैं. इसके अलावा, प्याज खाने से जोड़ों के दर्द से भी राहत मिल सकती है. प्याज के औषधीय गुण की सूची में हड्डियों की मजबूती भी है.

– एक अध्ययन में पाया गया है कि रुटीन एंटीथ्रोम्बोटिक की तरह काम करता है, जो रक्त के थक्के बनने की आशंका को कम करता है. ये खून के थक्के आर्टरी व नसों में बन सकते हैं. थक्के बनने पर कुछ एंजाइम का निर्माण होने लगता है और रुटीन इन्हीं एंजाइम को रोकने में मदद करता है.