74th Independence Day: स्वतंत्रता दिवस समारोह में हर साल चटकीले और रंग-बिरंगे साफे में नजर आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार भी 74वें स्वतंत्रता दिवस पर केसरिया और क्रीम रंग का साफा (PM Modi Safa) पहना. प्रधानमंत्री ने इसके साथ आधी बाजू का कुर्ता और चूड़ीदार पायजामा पहना था. उन्होंने इसके साथ ही केसरिया किनारी वाला सफेद गमछा भी डाल रखा था, जिसका वह कोविड-19 के मद्देनजर अपना मुंह और नाक ढकने के लिए इस्तेमाल करते हैं. शानदार बहुमत के साथ दूसरी बार सत्ता में आने के बाद मोदी ने पिछले साल लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर अपना छठा भाषण देते समय भी रंग-बिरंगा साफा पहना था. Also Read - कोसी-मिथिलांचल के दिलों को जोड़ेगा महासेतु, 86 साल का लंबा इंतजार आज हुआ खत्म

उन्होंने 2014 में स्वतंत्रता दिवस पर अपने पहले भाषण में गहरे लाल और हरे रंग का जोधपुरी बंधेज साफा पहना था. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में पीले रंग का साफा पहना था, जिस पर अलग-अलग रंगों की धारियां थीं, जबकि 2016 में उन्होंने गुलाबी और पीले रंग का लहरिया ‘टाई एंड डाई’ साफा चुना था. Also Read - किसान बिल: पीएम मोदी का विपक्ष पर कटाक्ष-किसान सब देख रहा है, कौन हैं ये बिचौलिए...

इसके बाद, उन्होंने 2017 में गहरे लाल और पीले रंग का साफा पहना, जिसे पर सुनहरी धारियां थी. उन्होंने 2018 में केसरिया साफा पहना था. गणतंत्र दिवस समारोहों में भी कच्छ के लाल बंधनी साफे से लेकर पीले राजस्थानी साफे तक, मोदी के साफे लोगों का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं. Also Read - PM मोदी ने बिहार को दी रेल महासेतु की बड़ी सौगात, कहा-नीतीश कुमार जैसा CM हो तो क्या...

वहीं, 2019 में पीएम नरेंद्र मोदी ने पीला, लाल, बैंगनी, हरा और नीले रंगा का साफा पहना था. सफेद रंग पर उनका यह साफा बहुत खूबसूरत लग रहा था. इसे टाई एंड डाई व लहरिया प्रिंट से तैयार किया गया था.

देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ऐतिहासिक लाल किले पर इस वर्ष कोविड-19 महामारी की छाया स्पष्ट रूप से दिखायी दी, जहां सभी कुर्सियों पर मास्क, सैनिटाइजर, एक जोड़ा दस्ताने युक्त किट रखी हुई थी तथा कुर्सियों को इस प्रकार से रखा गया था कि सामाजिक दूरी के मानकों का पालन हो सके. लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में हर साल काफी भीड़ रहती थी और अलग-अलग आयु वर्ग के लोग काफी उत्साह से इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते थे, लेकिन इस वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण निर्धारित सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लोगों की संख्या कम रखी गई.