Inspirational: ये कहावत तो आपने भी सुनी होगी कि पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है…इसे सच साबित कर दिया है शाबेरा अंसारी ने. शाबेरा की कहानी देश की लाखों लड़कियों के लिए मिसाल साबित होगी.Also Read - Viral Video: TikTok पे इस बच्ची ने बताया ज़िन्दगी जीने का सही तरीका, Watch

मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार की बेटी
शाबेरा मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार की बेटी हैं. अपनी लगन और मेहनत के दम पर उन्होंने ये मुकाम हासिल किया है. Also Read - Real Life Balika Vadhu: 7 साल की उम्र में हुई शादी, बालिका वधू को 12 साल बाद मिली आजादी

कौन हैं शाबेरा अंसारी
इंदौर निवासी शाबेरा अंसारी मध्यप्रदेश के देवास में डीएसपी महिला प्रकोष्ठ पद पर तैनात है और पिता इंदौर के ही एक थाने में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं. Also Read - Covid-19 Help: 5 दोस्तों ने अपनी Luxury Cars को ऑक्सीजन अस्पताल में किया तब्दील...

पढ़ने की लगन
शाबेरा अंसारी की जिंदगी शुरूआत से सामान्य रही, वहीं कभी ज्यादा बड़े सपने भी नहीं रहे. स्कूल खत्म करने के बाद जब कॉलेज में गईं तो 19 साल की उम्र में शादी के रिश्ते आने लगे. पर उन्हें तो पढ़ाई पूरी करनी थी. इसी लगन के कारण आज वे डीएसपी पद पर तैनात है और फिलहाल यूपीएससी की तैयारी भी कर रही हैं.

कहां से हुई पढ़ाई
शाबेरा ने मध्यप्रदेश के इंदौर में सरकारी स्कूल से कुछ साल पढ़ाई की और सरकारी कॉलेज से बीए किया और कॉलेज वक्त से ही पीएससी की तैयारी शुरू की. शाबेरा 2013 में सब-इंस्पेक्टर पद पर सेलेक्ट हुई और 2018 में उनकी तैनाती सीधी में प्रशिक्षु डीएसपी पद पर हुई. शाबेरा अंसारी ने बताया, मै स्कूल वक्त से सामान्य अंक प्राप्त करने वाली छात्रा रही. एक बार गणित में फेल भी हुई.

19 साल की उम्र में रिश्ता आया तो मन में डर बैठ गया. उसके बाद कुछ करने की ठानी और मुड़ कर नहीं देखा. कॉलेज वक्त के दौरान पीएससी की पढ़ाई शुरू की और पहली परीक्षा में उसे क्लीयर भी कर दिया और उस वक्त से अब तक मैं पढ़ाई करती आ रही हूं.

शाबेरा का परिवार
शाबेरा का परिवार मूलरूप से उत्तरप्रदेश के बलिया का रहने वाला है लेकिन पिता की पुलिस में नौकरी के कारण करीब 30 साल पहले इंदौर बस गए.

शाबेरा ने बताया, मेरी मां ने हमेशा मुझे सपोर्ट किया. शुरूआती दौर में जहन में नहीं था कि पुलिस विभाग में ही जाना है. घर मे पिता पुलिस में होने के कारण बस थोड़ी दिलचस्पी हमेशा रही.

जानकर हैरानी होगी कि शाबेरा अपने पूरे खानदान में पहली महिला हैं, जो सिविल सर्विसेज में है. शाबेरा अपने पूरे परिवार और समाज के लिए अब एक प्रेरणा बन चुकी हैं.
(एजेंसी से इनपुट)