नई दिल्ली: 21 जून 2020 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा. योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी विरासत है, जिसके प्रणेता महर्षि पतंजलि को माना जाता है. योग साधना में जीवन शैली का पूर्ण सार समाहित किया गया है. योग में कई आसन मिले हुए होते हैं. योग के दौरान किए गए हर आसन का अपना अलग महत्व होता है. नियमित योग करने से व्यक्ति का शरीर फिट रहता है और उसे किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आने में कुछ ही दिन बाकी हैं ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आपका दिल एकदम दुरुस्त रहेगा. इस योगासनों को नियमित तौर पर करने से व्यक्ति की हृदय संबंधी सभी बीमारियां खत्म हो जाती हैं. आइए जानते हैं इस योगासनों के बारे में. Also Read - Yogasana: कई प्रयासों के बाद भी नहीं बन पा रही हैं मां? रोजाना करें ये 3 योगाासन

बालासन- मां के गर्भ में रहकर बच्चा जिस स्थिति में 9 महीने तक जन्म लेने का इंतजार करता है. बालासन करते हुए योगी शरीर को उसी स्थिति में ले जाता है. बालासन के निरंतर अभ्यास से योगी के शरीर को अनेकों फायदे मिलते हैं. बालासन मूल रूप से जांघों को सुडौल बनाने और कमर दर्द का दूर करने में मदद करता है. इस आसन को करने के दौरान रीढ़ की हड्डी या स्पाइनल कॉलम में राहत मिलती है. बालासन शरीर में मांसपेशियों को राहत देता है और पीठ दर्द को दूर करने में मदद करता है, खासतौर पर तब जब ये दर्द कमर, गर्दन और कंधों में हो रहा हो. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने 4 साल पहले दिया था निर्देश, फिर भी स्कूलों में योग शिक्षा पर निर्णय नहीं ले सकी केंद्र सरकार, बीजेपी नेता ने...

बालासन करने का तरीका
– वज्रासन मे बैठ जाये अपनी रीढ़ को सीधा रखे .
– साँस लेते हुए अपने दोनों हाथो को ऊपर ले जाएं .
– साँस छोड़ते हुए अपनी कमर के ऊपरी भाग को आगे झुके साथ ही दोनों हाथो को भी .
– हाथो को सीधा रखे, और सिर को जमीन पर लगाएं .
– 30 सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक मुद्रा मे रहे . Also Read - टीवी की ये अदाकारा देती है हॉट योगा पोज़, कभी न्यूड होकर भी किया था ये आसन

पवनमुक्तासन: पवन का अर्थ है वायु और मुक्त का अर्थ होता है निकालना. इसका मतलब यह हुआ कि वैसा आसन जो शरीर में मौजूद आवश्यकता से अधिक गैस को बाहर निकालने में सहायक होत है. यह आपके शरीर से हानिकारक गैस को बहार निकालने में भी मदद करता है और आपको बहुत सारी बिमारियों एवं परेशानियों से बचाता है. पवनमुक्तासन पेट एवं कमर की मांसपेशियों के खिंचाव को टोन करने में मदद करता है. खराब पाचन की समस्याओं से पीड़ित मरीजों को आमतौर पर पवनमुक्तासन करने की ही सलाह दी जाती है.

पवनमुक्तासन करने का तरीका
– सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाएं.
– दोनों पैरों को फैलाएं और इनके बीच की दुरी को कम करें.
– अब दोनों पांव उठाएं घुटने मोड़ें.
– घुटनों को बांहों से घेर लें.
– सांस छोड़े, घुटनों को दबाते हुए छाती की ओर लाएं. सिर उठाएं तथा घुटनों को छाती के निकट लाएं जिससे ठोड़ी घुटनों को स्पर्श करने लगे.
– जहाँ तक सम्भव हो सके इस मुद्रा को मेन्टेन करें.
– फिर सांस लेते हुए पैरों को जमीन पर लेकर आएं.

वज्रासन: ज्यादातर योगासन खाली पेट किए जाते हैं, लेकिन वज्रासन अन्य आसनों की तुलना में अलग है. इसे आप खाना खाने के बाद भी कर सकते हैं, बल्कि खाना खाने के बाद वज्रासन करना पाचन तंत्र के लिए अच्छा माना जाता है.

वज्रासन करने का तरीका 
– घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं. इस दौरान दोनों पैरों के अंगुठों को साथ में मिलाएं और एड़ियों को अलग रखें.
– अब अपने नितंबों को एड़ियों पर टिकाएं.
– अब हथेलियां को घुटनों पर रख दें.
– इस दौरान अपनी पीठ और सिर को सीधा रखें.
– दोनों घुटनों को आपस में मिलाकर रखें.
– अब आंखें बंद कर लें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें.
– इस अवस्था में आप पांच से 10 मिनट तक बैठने की कोशिश करें.