नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए योग को अहम बताया. उन्होंने कहा कि घातक वायरस से संक्रमित दुनिया भर में कई लोग योग से लाभान्वित हो रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि वे मेडिटेशन के माध्यम से बीमारी से लड़ने में मजबूती हासिल कर रहे हैं. मोदी ने कहा, “कोरोना महामारी के कारण दुनिया ने योग को अधिक गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है. यदि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है, तो इस बीमारी को हराना बहुत आसान हो जाता है. योग रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. ऐसे कई आसन हैं जो हमारे शरीर की ताकत को बढ़ा सकते हैं, हमारे मेटाबॉलिज्म को अधिक शक्तिशाली बना सकते हैं.” प्रधानमंत्री ने कहा कि घातक संक्रमण विशेष रूप से श्वसन प्रणाली पर हमला करता है. लोग प्राणायाम के माध्यम से श्वसन प्रणाली को मजबूत बना सकते हैं. आइए जानते हैं प्राणायाम के पायदों और इसे करने का सही तरीका-Also Read - Surya Namaskar: योग के बाद अब सूर्य नमस्कार भी होगा ग्लोबल, मकर संक्रांति पर 75 लाख लोग करेंगे सूर्य नमस्कार

योगियों ने श्वास पर गहन गंभीर प्रयोग किए और यह निष्कर्ष निकाला कि प्राण को साध लेने पर सब कुछ साधा जा सकता है.श्वासों का संतुलित होना मनुष्य के प्राणों के संतुलन पर निर्भर करता है. प्राणों के सम्यक् व संतुलित प्रवाह को ही प्राणायाम कहते हैं .प्राणायाम योग के आठ अंगों में से एक है. अष्टांग योग में आठ प्रक्रियाएँ होती हैं. Also Read - Viral Video: ITBP अफसर ने योग दिवस पर 18000 फीट की ऊंचाई पर माइनस टेम्‍परेचर में खुले बदन किया सूर्य नमस्‍कार

1.यम Also Read - International Yoga Day 2021: पीएम मोदी ने लॉन्च किया M-Yoga ऐप, जानें क्या है इसमें खास!

2.नियम

3.आसन

4.प्राणायाम

5.प्रत्याहार

6.धारणा

7.ध्यान

8.समाधि

प्राणायाम = प्राण + आयाम. इसका का शाब्दिक अर्थ है – ‘प्राण (श्वसन) को लम्बा करना’ या ‘प्राण (जीवनीशक्ति) को लम्बा करना’. (प्राणायाम का अर्थ ‘स्वास को नियंत्रित करना’ या कम करना नहीं है.)प्राण या श्वास का आयाम या विस्तार ही प्राणायाम कहलाता है.यह प्राण -शक्ति का प्रवाह कर व्यक्ति को जीवन शक्ति प्रदान करता है.

प्राणायाम के फायदें

प्राणायाम से हमारे शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं.
– प्राणायाम के नियमित अभ्यास के कई धार्मिक लाभ बताए गए हैं.
– इससे कान्सन्ट्रेशन बढ़ता है.
-इसके माध्यम से ही हम अष्टांग योग की प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और अंत में समाधि की अवस्था तक पहुंचते हैं.
– प्राणायाम से हमारे शरीर का संपूर्ण विकास होता है. फेफड़ों में अधिक मात्रा में शुद्ध हवा जाने से शरीर स्वस्थ रहता है.
– प्राणायाम से हमारा मानसिक विकास भी होता है. प्राणायाम करते हुए हम मन को एकाग्र करते हैं. इससे हमारा मन नियंत्रित होता है.
– प्राणायाम से सांस संबंधी रोग तथा अन्य बीमारियां दूर हो जाती हैं.