कोराना के वैक्सिन के लिए हर देश अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है लेकिन अभी तक किसी को कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं हुआ है. ऐसे में हाल ही में कनेक्टिकट स्कूल ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय ने एक अध्यन में पाया है की आयोडीन की मदद से आप कोरोना को बढ़ने से रोक सकते हैं. ओटोलरींगोलोजी-हेड एंड नेक सर्जरी में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार ये बाते कही गई हैं. Also Read - उद्धव का भाजपा से सवाल, 'बिहार के लिए टीका मुफ्त, बाकी राज्यों के लोग क्या बांग्लादेश से आये हैं'

अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने तीन अलग-अलग आयोडीन कंसंट्रेशन को मिलाकर इसका शोध किया है,0.5 फीसदी, 1.25 फीसदी और 2.5 फीसदी. इन सबमें शोधकर्ताओं ने पाया कि सबसे कमजोर कंसंट्रेशन 0.5 सहित सभी तीन सांद्रता, पूरी तरह से वायरस को निष्क्रिय कर सकते हैं. इस मिक्चर ने 15 सेकेंड में वायरस को निष्क्रिय कर दिया. टाइम्स नाउ की रिपोर्ट में पाया गया है कि आयोडिन के घोल में SARS और MERS सहित कई सारी चाजें होती हैं. Also Read - पूरे देश को कोरोना टीका मुफ्त में मिलना चाहिए, वायरस से सभी लोग परेशान हैं: केजरीवाल

शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में बनाए रखा कि इन समाधानों को नाक कीटाणुनाशक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है और इंट्रानैसल प्रक्रियाओं से पहले रोगियों में इसे प्रेरित किया जा सकता है. यह बूंदों और एरोसोल के माध्यम से वायरल फैलने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है. Also Read - क्या फ्री कोरोना वैक्सीन का वादा कानून के खिलाफ है? जानिए क्या बोले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि यह तरीका वायस के गंघीर लक्षणों को रोकने से बढ़ता है और कोरोना के संक्रमण को कम करता है साथ ही फोफड़ो को भी सही रखता है. इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने माना है की आप इन तरीको को अपने घर पर ना करें क्योंकि ये आपकी सेहत को मुकसान पहुंचा सकते हैं.