नई दिल्‍ली: ऐसे कई लोग हैं जिनके काम दुनिया भर के लिए प्रेरणा बन जाते हैं. जिनकी मिसालें कई पीढ़ियां देती हैं. ऐसे ही एक व्‍यक्ति हैं जादव पायेंग. इनकी कहानी सुनकर आप भी कुछ ऐसा करने को उत्‍साहित होंगे जो पर्यावरण की रक्षा करे.

जादव को पद्मश्री मिल चुका है. आपको जानकर शायद हैरानी हो कि जादव ने अकेले ही आसाम के मजूली द्वीप पर पूरा जंगल उगा दिया है. जी हां, पूरा जंगल. अब आप सोच रहे होंगे कि कुछ समय में जंगल कैसे कोई उगा सकता है. तो ये जान लीजिए कि ये 35 साल की मेहनत है.

इसकी शुरुआत हुई 1969 में. उस समय जादव 16 साल के थे. तब उन्‍हें एक समस्‍या का सामना करना पड़ा. उनके यहां पहले बाढ़ आई और अगली बार सूखा पड़ गया. उस समय वैज्ञानिकों ने घोषणा कर दी कि ये द्वीप कुछ ही सालों में मृत हो जाएगा.

इस समस्‍या को जब जादव ने सुना ने उन्‍होंने एक फैसला किया. वो फैसला करना तो आसान पर निभाना कठिन. पर जादव उस पर अडिग रहे. उस दिन से अगले 35 सालों तक वे निरंतर रोज एक पौधा लगाते रहे.

अब उन्‍हें फॉरेस्‍ट मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है. उनके प्रयासों के कारण मजूली द्वीप पर पूरा जंगल उग आया है. ये जंगल करीब 1360 एकड़ में फैला है. आज भी पायेंग सुबह 3 बजे उठते हैं. 5 बजे तक मजूली पहुंचते हैं और पौधे लगाते हैं. उन्‍हें 2015 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्‍मानित किया गया था.

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