नई दिल्‍ली: लग्‍जरी जीवन को छोड़ना आसान नहीं होता. पर जो लोग ऐसा करते हैं वे मिसाल बन जाते हैं. इन्‍हीं में से एक मोक्षेश शाह. 24 साल के मोक्षेश चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं. उन्‍होंने जैन संंन्‍यासी बनने के लिए अपना सब कुछ त्‍यागने का फैसला किया.

मोक्षेश कोल्‍हापुर, महाराष्‍ट्र में रहते हैं. अब वे जैन संंन्‍यासियों की तरह जीवन व्‍यतीत करेंगे. वे सभी सुख-साधन त्‍यागेंगे. आपको जानकर हैरानी होगी कि मोक्षेश के फैमिली बिजनेस का टर्नओवर 100 करोड़ है.

उनका परिवार जेके कॉरपोरेशन का मालिक है. जो थर्मोकोल, मेजिक सील बैग और अन्‍य प्रकार के उत्‍पादों के निर्माणकर्ता और सप्‍लायर हैं. कंपनी डायमंड, मेटल और शुगर इंडस्‍ट्री में भी काम करती है.

jain monk mokshesh-shah

मोक्षेश ने कहा, ‘अगर पैसे से ही सब खरीदा जा सकता, तो अमीर लोग खुश रहते. आतंरिक खुशी कुछ पाने से नहीं बल्कि कुछ त्‍यागने से आती है. सीए बनने के बाद, मैंने दो साल तक बिजनेस संभाला पर तब महसूस किया कि मुझे अब दीक्षा लेकर जैन सन्‍यासी बन जाना चाहिए.’

आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले साल मोक्षेश के माता-पिता ने उन्‍हें दीक्षा लेने की अनुमति नहीं दी थी, पर इस साल उन्‍होंने इसकी अनुमति दे दी.