नई दिल्‍ली: आज आमलकी एकादशी है. हिन्‍दू धर्म में इसकी बहुत महत्‍ता है. फाल्‍गुन के शुक्‍ल पक्ष के 11वें दिन आमलकी एकादशी मनाई जाती है. यह महाशिवरात्र‍ि और होली के बीच आती है. इस साल यह सोमवार को है इसलिए इसका महत्‍व ज्‍यादा बढ़ गया है. आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है. ऐसी मान्‍यता है कि एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु आंवले के पेड़ पर रहते हैं. इसलिए आज आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है. दरअसल, आज से रंगों के त्‍योहार होली की शुरुआत होती है. इस साल आमलकी एकादशी तिथि की शुरुआत 25 फरवरी को रात 10:39 बजे से शुरू हो गई है जो 26 फरवरी यानी सोमवार को रात 07:56 बजे तक रहेगी. Also Read - Amalaki Ekadashi 2019: आज है आमलकी एकादशी, जानिए शुभ मुहूर्त, महत्‍व व पारण की विधि

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आंवले की पूजा का है महत्‍व Also Read - Amalaki ekadashi 2018 vrat katha and pujan vidhi| Amalaki Ekadashi 2018: आज सुनें ये व्रत कथा, पूरी होगी हर मनोकामना

आमलकी आंवले को कहते है. जिस तरह अक्षय नवमी को आंवले की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार इस दिन भी आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है. आमलकी एकादशी में आंवले के पेड़ नीचे भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. इस एकादशी के बारे में कई पुराणों में जिक्र आता है. बताते हैं कि अमालकी एकादशी के दिन आंवले की पूजा का महत्व इसलिए है क्‍योंकि इस दिन सृष्टि का आरंभ मानते हैं और उसमें सबसे पहले आंवले के वृक्ष की उत्पत्ति की बात कही जाती है. इसलिए इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है.

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व्रत तोड़ने का समय

यदि आपने आमलकी एकादशी व्रत किया है तो 27 फरवरी यानी मंगलवार को सुबह 5:09 बजे व्रत खोल सकते हैं. व्रत खोलने से पहले स्‍नान कर आंवले के पेड़ को जल अर्प‍ित करें और विधिपूर्वक पूजन करें और फिर व्रत खोलें. व्रत खोलने वाले दिन पंडित को दक्ष‍िणा जरूर दें. यदि आपने व्रत नहीं किया है, लेकिन व्रत कथा सुना है तो भी पंडित को दक्ष‍िणा देना शुभ होगा.