Train में Night Journey से पहले जान लें ये रूल्स, नहीं तो देना पड़ सकता है जुर्माना

Written By: Sapna Updated by: Sapna
Updated Date:August 8, 2026 11:59 AM IST

Train Night Travel Rules: अगर आप भी रात के समय ट्रेन से सफर करते हैं, तो रेलवे के कुछ जरूरी नियमों के बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए. रात में यात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ खास नियम बनाए हैं. इन नियमों का पालन नहीं करने पर आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

ट्रेन में हर दिन लाखों यात्री सफर करते हैं. इनमें कई लोग रात के समय अपनी सीट पर आराम और नींद लेना चाहते हैं. ऐसे में रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और ट्रेन में शांत माहौल बनाए रखने के लिए रात के समय कुछ नियम तय किए हैं. अगर आप इन नियमों को फॉलो नहीं करेंगे, तो आपको जुर्माना भी देना पड़ सकता है. बहुत से लोगों को इन नियमों के बारे में पता नहीं रहता. इसलिए, अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं, तो रेलवे के इन नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है.

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तेज आवाज में फोन चलाने और बात करने पर रोक

रात 10 बजे के बाद ट्रेन में यात्रियों को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे आसपास सो रहे लोगों की नींद खराब हो. इसलिए रेलवे ने नियम बनाया है कि आप 10 बजे के बाद मोबाइल पर तेज आवाज में बात नहीं कर सकते , बिना ईयरफोन के वीडियो या म्यूजिक चलाना और जोर-जोर से बातचीत भी मना है. जिससे सोने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो. वहीं, ग्रुप में सफर कर रहे यात्रियों को भी रात के समय अपनी बातचीत की आवाज धीमी रखनी चाहिए.

रात में कोच की मेन लाइट बंद रखने का नियम

रात 10 बजे के बाद कोच की तेज रोशनी बंद रखने का नियम यात्रियों की सुविधा से जुड़ा है. कई बार एक यात्री को पढ़ने या किसी दूसरे काम के लिए लाइट की जरूरत होती है, लेकिन पूरी बोगी की रोशनी जलने से बाकी यात्रियों की नींद खराब होती है. इसलिए आप रात के समय में ट्रेम में मेन लाइट नहीं चला सकते. ऐसे में रात के समय मेन लाइट बंद रखी जाती है और जरूरत पड़ने पर यात्री अपनी सीट की रीडिंग लाइट का यूज़ कर सकते हैं.

मिडिल बर्थ को लेकर भी है खास नियम

ट्रेन में मिडिल बर्थ को लेकर यात्रियों के बीच अक्सर बहस देखने को मिलती है। रेलवे के नियम के मुताबिक, मिडिल बर्थ वाला यात्री रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही उसे खोलकर सो सकता है.. सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ को नीचे करना होता है, ताकि लोअर बर्थ पर बैठे यात्री आराम से बैठ सकें. वहीं, रात 10 बजे के बाद लोअर बर्थ वाले यात्री को भी सोने के लिए जगह देनी होती है.

रात में हॉकर भी नहीं कर सकते तेज आवाज में बिक्री

रात के समय में सामान बेचने वाले हॉकर और वेंडर भी तेज आवाज में चिल्लाकर सामान नहीं बेच सकते . ताकि ट्रेन में शांति बनी रहे और किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो. अगर आपको खाने के लिए कुछ चाहिए, तो आप ऑर्डर कर सकते है. जिससे आपकी सीट पर ही खाना आएगा.

नियमों का उल्लंघन हो तो कहां करें शिकायत?

अगर कोई यात्री रात के समय लगातार शोर कर रहा है या नियमों का पालन नहीं कर रहा है, तो उससे खुद बहस करने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति में यात्री ट्रेन में मौजूद टीटीई, आरपीएफ या कोच अटेंडेंट को इसकी जानकारी दे सकते हैं. इसके अलावा, यात्री रेलवे की RailMadad सेवा या हेल्पलाइन नंबर 139 के जरिए भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. रेलवे यात्रियों की शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई कर सकता है.

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