आप भी देर से करते हैं ब्रेकफास्ट? सावधान! इस गंभीर बीमारियों को दे रहे हैं न्योता

ब्रेकफास्ट हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, हालांकि हम में से कई लोग नाश्ते को स्किप कर देते हैं या देर से खाते हैं, लेकिन क्या आपको इससे होने वाले नुकसान पता हैं? नहीं तो चलिए जानते हैं

Published date india.com Published: November 29, 2025 12:36 PM IST
आप भी देर से करते हैं ब्रेकफास्ट? सावधान! इस गंभीर बीमारियों को दे रहे हैं न्योता

कहते हैं आपके खानपान का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है. सिर्फ अच्छा खाना ही नहीं बल्कि आप किस समय खाना खा रहे हैं इसका असर भी हमारी सेहत पर साफ पड़ता है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, भोजन का समय शरीर की सेहत, ऊर्जा और लंबी उम्र पर बड़ा असर डालता है. हाल ही में की गई एक रिसर्च कहती है कि जितना जरूरी ये है कि आप क्या खा रहे हैं उतना ही जरूरी है कि आप इसे कब खा रहे हैं. खासकर बुजुर्गों के लिए नाश्ते का समय कई छुपी हुई स्वास्थ्य स्थितियों की ओर इशारा कर सकता है.

खाने को सही समय पर खाना क्यों है जरूरी?

आपने अक्सर सुना होगा कि ब्रेकफास्ट हमारे दिन का सबसे जरूरी भोजन होता है. उम्र बढ़ने पर लोग अक्सर नाश्ता या रात का खाना देर से करने लगते हैं, जिससे उनकी खाने की पूरी विंडो छोटी हो जाती है, जिसका असर शरीर पर साफ नजर आने लगता है. यह बदलाव कभी-कभी शरीर और मन की गहराई में चल रही समस्याओं का संकेत हो सकता है.

ब्रेकफास्ट देर से करना हो सकता है Red Flag-

अगर आप रोजाना ब्रेकफास्ट देर से करते हैं तो ये कई छिपी स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है. इसके कुछ लक्षण बुजुर्गों में अक्सर देखने को मिलते हैं जैसे-

  • थकान और कम ऊर्जा स्तर
  • मूड खराब रहना या डिप्रेशन महसूस होना
  • मुंह और दांतों की समस्याएं, जिससे खाना मुश्किल हो जाता है
  • नींद की कमी या रूटीन का बिगड़ना

इसके अलावा, उम्र के साथ शरीर की सर्कैडियन रिदम यानी आंतरिक जैव-घड़ी बदल जाती है, रिदम के बिगड़ने से कुछ परेशानियां होने लगती हैं जैसे पाचन, मेटाबॉलिज़्म और पूरी हेल्थ इससे प्रभावित होने लगती है.

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नियमित भोजन समय बुजुर्गों में लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य का मजबूत आधार माना जाता है. सुबह उठने के बाद जल्द नाश्ता करने से कई फायदे होते हैं जैसे-

  • शरीर की आंतरिक प्रणाली सिंक्रोनाइज होती है
  • पाचन और हार्मोनल बैलेंस बेहतर होता है
  • मानसिक सतर्कता और ऊर्जा में वृद्धि होती है
  • अनियमित भोजन टाइम या नाश्ता देर से करना कई स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा पाया गया है, खासकर बुजुर्गों में

ध्यान रहे, इंटरमिटेंट फास्टिंग और टाइम-रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग जैसी डाइट जहां युवा लोगों को फायदा दे सकती हैं, वहीं बुजुर्गों के लिए नाश्ता छोड़ना या देर से करना नुकसानदायक हो सकता है.

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