Lohri 2020 पर गीत ना गाए जाएं तो पर्व की रौनक अधूरी मानी जाती है. गीतों से लोहड़ी सेलिब्रेशन में जान आ जाती है.

सालों से ये गीत लोहड़ी पर गाए जाते रहे हैं. लोहड़ी के दिन सुबह से ही ये गीत गाकर लकड़ी और उपले एकत्रित करने की पंरपरा रही है.

लोहड़ी के लोकगीत-

सुन्दिरिये-मुन्दिरिये-हो तेरा कौन विचारा-हो
दुल्ला मही वाला-हो दुल्ले ने घी ब्याही-हों
सेर शक्कर पाई-हो कुड़ी दा लाल पटाका-हो
कुड़ी दा सालू फाटा-हो सालू कौन समेटे-हों
चाचा चूरी कुट्टी-हों जमीदारा लूटी-हो
जमींदार सुधाये-हो बड़े भोले आये-हों
इक भोला रह गया-हों सिपाही पकड़ के लै गया-हों
सिपाही ने मारी ईट, भाँवे रो, ते भाँवे पीट
सानू दे दे, लोहड़ी तेरी जीवे, जोड़ी

Lohri 2020: हिंदू धर्म में लोहड़ी पर्व का महत्‍व, मायके से क्‍यों भेजा जाता है शगुन…

असी गंगा चल्ले – शावा
सस सौरा चल्ले – शावा
जेठ जेठाणी चल्ले – शावा
देयोर दराणी चल्ले – शावा
पियारी शौक़ण चल्ली – शावा
असी गंगा न्हाते – शावा
सस सौरा न्हाते – शावा
जेठ जठाणी न्हाते – शावा
देयोर दराणी न्हाते – शावा
पियारी शौक़ण न्हाती – शावा
शौक़ण पैली पौड़ी – शावा
शौक़ण दूजी पौड़ी – शावा
शौक़ण तीजी पौड़ी – शावा
मैं ते धिक्का दित्ता – शावा
शौक़ण विच्चे रूड़ गई – शावा
सस सौरा रोण – शावा
जेठ जठाणी रोण – शावा
देयोर दराणी रोण – शावा
पियारा ओ वी रोवे – शावा

Lohri 2020 Wishes: लोहड़ी पर भेजें ये SMS, WhatsApp Messages, दें लख-लख वधाईयां

कंडा कंडा नी लकडियो कंडा सी
इस कंडे दे नाल कलीरा सी
जुग जीवे नी भाबो तेरा वीरा सी,
पा माई पा, काले कुत्ते नू वी पा
कला कुत्ता दवे वदायइयाँ,
तेरियां जीवन मझियाँ गईयाँ,
मझियाँ गईयाँ दित्ता दुध,
तेरे जीवन सके पुत्त,
सक्के पुत्तां दी वदाई

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