नई दिल्ली: नींद की कमी फैसले लेने और याद रखने की क्षमता को प्रभावित करती है. पर हालिया अध्ययन की मानें तो नींद की कमी मोटापा भी बढ़ाती है. अगर आप वजन घटाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने सोने की आदतों को ठीक करें. क्योंकि हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि नींद की कमी मोटापे का खतरा बढ़ा देती है और ऐसी लाइफस्टाइल में वजन घटाना नामुमकिन हो जाता है. रिपोर्ट की मानें तो पर्याप्त नींद ना लेने वाले लोग वजन घटाने के लिए भले ही कम कैलरी वाला खाना खाएं और कसरत करें, लेकिन नींद की कमी के कारण इसका उनकी सेहत पर कोई खास असर नहीं होता. Also Read - खाना देखते ही टपकने लगती थी लार! इतना खाते थे...इतना खाते थे अदनान सामी कि....

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इस नजीजे तक पहुंचने से पहले शोधकर्ताओं ने दो टीमों पर अध्ययन किया. पहली टीम में ऐसे लोग थे जो ओवरवेट थे और नींद की कमी से जूझ रहे थे. वहीं दूसरी टीम में ऐसे लोग थे, जो ओवरवेट तो थे लेकिन पर्याप्त नींद लेते थे. शोधकर्ताओं ने आठ सप्ताह तक दोनों टीमों को एक समान कम कैलरी वाला खाना खाने का निर्देश दिया. Also Read - घर बैठे इन 5 एक्सरसाइज से आप भी कर सकते हैं 2 मिनट में इतना वजन कम

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आठ सप्ताह होने के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि हालांकि दोनों समूहों का वजन घटा था, लेकिन पर्याप्त नींद लेने वाले समूह ने ज्यादा वजन घटाया और नींद पूरी ना करने वाले समूह के मुकाबले वह ज्यादा फिट भी दिखे. उनके दिल, मांसपेशियों और पेट की सेहत ऐसे लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर थी, जो अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते.

यह अध्ययन शिकागो स्थित नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी के फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने किया है. यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता क्रिस्टेन नुट्सन ने कहा कि जो लोग वजन घटाना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी नींद पर ध्यान देना चाहिए. वजन घटाने के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है. क्रिस्टेन ने यह भी बताया कि लोग अक्सर ऐसा करते हैं कि वर्किंग डे के दौरान 6-6.30 घंटे सोते हैं, लेकिन छुट्टी के दिन 8 से 9 घंटे की नींद लेते हैं.

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लंबे समय तक नींद की कमी ना केवल ओवरवेट का खतरा बढ़ाती है, बल्कि यह दूसरी बीमारियों को भी न्योता देती है. इस अध्ययन में अफ्रीका और अमेरिका के लोग शामिल किए गए थे, जिनकी औसत आयु 45 वर्ष थी.

मोटापे से दिल की बीमारी का खतरा

1,90,000 युवाओं पर किए गए 10 अलग-अलग अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि मोटापा और दिल की बीमारी में सीधा संबंध है. अध्ययनकर्ताओं के अनुसार स्वस्थ्य और सही वजन वाले लोगों के मुकाबले ओवरवेट लोगोंं मेें हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों का खतरा 21 फीसदी ज्यादा होता है. खतरा महिलाओं में ज्यादा है. मध्य आयु वाली ओवरवेट महिलाओं में दिल के रोग का खतरा 32 प्रतिशत ज्यादा होता है.

मध्य आयु तक पहुंचते ही स्वस्थ्य लोगों के मुकाबले ओवरवेट पुरुषों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेल होने का खतरा 67 प्रतिशत होता है. वहीं इस आयुवर्ग की सेहतमंद महिलाओं के मुकाबले ज्यादा वजनी महिलाओं में इसका खतरा 85 फीसदी होता है.

वहीं जरूरत से बहुत ज्यादा वजन वाले वृद्धों मे दिल की बीमारी का खतरा तीन गुना अधिक होता है. नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकताओं की मानें तो मोटापा आपको छोटी और बीमार जिंंदगी देता है.