नई दिल्‍ली: मथुरा-वृंदावन को राधा और कृष्‍ण की प्रेम नगरी कहा जाता है. होली में इस प्रेम का भरपूर रंग लोगों के चेहरों पर दिखता है. लेकिन इस प्रेम की नगरी में एक तबका ऐसा भी है, जो गुमसुम रहता है. जिनके लिए अपनों ने दरवाजे बंद कर दिए हैं. जिनके लिए पराए ही अपने बन गए हैं. वृंदावन में होली का एक रंग ऐसा भी है जो सफेद साड़ी पहने विधवाओं के चेहरे पर दिखता है. Also Read - पति विक्रांत संग मोनालिसा ने जमकर खेली होली, प्यार के रंगों में डूबा ये कपल

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भगवान के साथ खेलती हैं होली Also Read - मीरा राजपूत ने जाहिर किया प्यार, गर्दन पर बनवाया शाहिद के नाम का टैटू

जहां एक ओर देश के दूसरे मंदिरों में विधवाओं के प्रवेश पर अघोषित पाबंदी है, वहीं वृंदावन में ये महिलाएं भगवान के साथ ही रंग और गुलाल खेलती हैं. यहां होली खेलने के लिए विधवा महिलाएं दूर-दूर से आती हैं. खासतौर से बनारस की विधवा महिलाएं बड़ी संख्या में यहां पहुंचती हैं.

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बता दें कि इस मंगलवार को गैर सरकारी संगठन सुलभ इंटरनेशनल ने वृंदावन में विधवाओं के लिए गोपीनाथ मंदिर में होली महोत्‍सव आयोजित किया. पहले तो फूलों की होली खेली गई. इसके बाद जमकर गुलाल बरसाया गया. इस होली महोत्‍सव के लिए 15 कुंतल फूलों का इंतजाम किया गया था. इसके अलावा गुलाल भी पड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए गए. यह महोत्‍सव सुलभ इंटरनेशनल ने लगातार 5वें साल आयोजित किया था. रंगों के इस त्‍योहार में विधवाओं ने भक्ति संगीत की धुनों पर भाव नृत्य किया.

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गौरतलब है कि सुलभ इंटरनेशनल वृंदावन, वाराणसी और उत्तराखंड के केदारनाथ की हजारों विधवाओं की ना सिर्फ देखभाल कर रहा है, बल्कि कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है.