नई दिल्ली: 25 दिसंबर को हर साल भारत समेत पूरी दुनिया में क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है. यह दिन प्रभु यीशू के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इस फेस्टिवल को ईसाई धर्म के अलावा बाकी धर्मों के लोग भी धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन घर को काफी अच्छे से सजाया जाता है. छोटे बच्चों को इस दिन सांता क्लॉज का इंतेजार रहता है. सांता क्लॉज की बात करें तो वह लाल-सफेद कपड़ों में बड़ी-सी श्वेत दाढ़ी और बालों वाले, कंधे पर गिफ्ट्स से भरा बड़ा-सा बैग लटकाए, हाथों में क्रिसमस बेल लिए नजर आते हैं. सांता क्लॉज के बिना क्रिसमस के कोई मायने नहीं हैं. बचपन से आज तक हमने सांता क्लॉज की यही छवि देखी है. लेकिन क्या आपको बता हैं सांता क्लॉज कौन थे और उनकी घर कहां है? आइए जानते हैं इस बारे में- Also Read - Hardik Pandya ने पत्नी Natasa Stankovic के साथ बेटे Agastya का मनाया पहला क्रिसमस, देखें खूबसूरत तस्वीरें

सांता क्लॉज का घर (Santa Claus Home)
फिनलैंड में एक जगह है रोवानिएमी, माना जाता है कि यहीं पर सैंटा विलेज है . यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है. 6 महीने दिन और 6 महीने रात वाला यह देश 12 महीने बर्फ की चादर से ढका रहता है. रोवानिएमी में एक छोटा सा गांव है जिसे सैंटा विलेज के नाम से पुकारा जाता है. Also Read - कंगना रनौत ने इस अनोखे अंदाज में किया क्रिसमस विश, कहा- जो सिर्फ हिंदू त्यौहारों के...

सांता क्लॉज की कहानी- (santa claus story)
संत निकोलस का जन्म तीसरी सदी में जीसस की मौत के 280 साल बाद मायरा में हुआ. वे एक रईस परिवार से थे. उन्होंने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया. सेंट निकोलस बहुत दयावान व्यक्ति था और उसे प्रभु ईशु में भी बहुत आस्था थी. निकोलस अक्सर ही बिना बताए जरूरतमंद लोगों की मदद किया करता था. वह एकदम चुपके से जाकर लोगों को तोहफे दे देता था तोहफो को अचानक देखकर लोग खुश हो जाते थे. Also Read - Christmas 2020 Fashion Tips: क्रिसमस पार्टी में जाना है तो बॉलीवुड सेलेब्स के इन आउटफिट्स को करें फॉलो, दिखेंगी बेहद स्टाइलिश

एक बार सेंट निकोलस को कहीं से पता चला कि एक गरीब आदमी की तीन बेटियां है, लेकिन उस व्यक्ति के पास उनकी शादियों के लिए उसके पास बिल्कुल भी धन नहीं है. ये बात जानने के बाद निकोलस ने इस शख्स की मदद करने की सोची और वह रात को उस आदमी की घर की छत में लगी चिमनी में से सोने से भरा बैग नीचे डाल दिया. उस दौरान इस गरीब शख्स ने अपना मोजा सुखाने के लिए चिमनी में लगाया हुआ था. उस व्यक्ति ने देखा कि इस मोजे में अचानक सोने से भरा बैग उसके घर में गिरा है और ऐसा तीन बार हुआ. उस व्यक्ति ने आखिरी में निकोलस को ऐसा करते हुए देख लिया. निकोलस ने उससे कहा कि यह बात वो किसी को न बताए, लेकिन फिर भी यह बात चारों ओर फैल गई. तब से जैसे ही किसी को अचानक से कोई उपहार मिलता तो उसे लगता की सांता क्लॉज ने दिया है. इसी के बाद से क्रिसमस के दिन उपहार देने का रिवाज शुरू हुआ.