महिलाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करने के क्षेत्र में वाराणसी के एक नौजवान की नई खोज सामने आई है. श्याम चौरसिया नाम के इस युवक ने एक ऐसा झुमका तैयार किया है, जिससे ‘मिर्ची गोली’ निकलेगी. मनचलों को घटना को अंजाम देने के दौरान ही उन्हें निशाना बनाकर उन्हें भागने पर मजबूर कर देगी. Also Read - बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर व्यापारी की चाकू गोदकर हत्या, भाई अस्पताल में भर्ती

वाराणसी के पहड़िया स्थित अशोका इंस्टीट्यूट में रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रभारी श्याम चौरसिया ने इसे बनाया है. उनका कहना है कि यह झुमका मनचलों को सबक सिखाने के साथ ही छात्राओं की सुरक्षा में भी सहायक होगा. Also Read - इस एक्ट्रेस ने लगाई बुजुर्ग की क्लास, पार्क में बच्चों-महिलाओं के साथ की थी ये हरकत

देश में बढ़ते महिलाओं के साथ छेड़खानी, दुष्कर्म जैसी घटनाओं को रोकने के क्षेत्र में इस रिसर्च से तैयार झुमका काफी कारगर होने वाला है. महिलाओं की सुरक्षा में यह कवच का काम करेगा। कान में पहने जाने वाले झुमके अब महिलाओं की सुरक्षा करेंगे. इससे महिला न सिर्फ अपनी आत्मरक्षा कर सकेगी, बल्कि मनचलों को छेड़छाड़ से रोकने में भी कामयाब होगी. Also Read - MP: इंदौर में छेड़छाड़ से तंग 10वीं की छात्रा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

क्या है स्मार्ट झुमका

 

यह झुमका मनचलों को रोकने में स्मार्ट है. केवल खूबसूरती ही इसे स्मार्ट नहीं बनाती है बल्कि इसके गुण भी स्मार्ट हैं. इस झुमके से मिर्ची के गोलियों की बरसात होगी. इसे बनाने वाले वाराणसी के श्याम चौरसिया ने बताया कि बनाया गया यह एक डिवाइस है. बावजूद इसके कि यह दिखने में महिलाओं की ज्वेलरी जैसा है.

इस स्मार्ट ईयररिंग गन में तेज आवाज के साथ छेड़खानी करने वाले मनचलों पर लाल और हरी मिर्च की बुलेट दागने की क्षमता है. यह संभव होगा कि झुमके में फिट एक बटन के दबाने से. बटन के दबाते ही मनचलों पर मिर्ची बुलेट की बरसात शुरू हो जाएगी और वह घबराकर भागने लगेगा.

112 और 100 डायल तक भी पहुंचेगी सूचना

 

इस डिवायस की एक खासियत 100 और 112 डायल पर भी तत्काल सूचना भेजने की है. मनचलों से परेशान महिला के बटन दबाते ही डायल 112 और डायल 100 के इमरजेंसी नंबर पर भी कॉल चला जाएगा.

ब्लुटूथ से जोड़कर उपयोग की है सुविधा

 

इस ईयररिंग गन को किसी भी मोबाइल के ब्लूटूथ से अटैच कर प्रयोग करने की सुविधा है. यह सुविधा महिलाओं को खुद को सुरक्षित करने में अधिक उपयोगी होगी. विशेष परिस्थिति में इसे हाथ में लेकर गोली भी चलाई जा सकती है. जिसमें हरे और लाल मिर्च के पाउडर वाली गोली निकलेगी. मोबाइल में लगे ब्लूटूथ को एक घंटे चार्ज करने पर यह सप्ताह भर चल जाएगा.

चार माह में तैयार डिवाइस की यह है विशेषता

 

इस डिवायस को तैयार करने में श्याम चौरसिया को चार महीने का समय लगा. इसका वजन भी काफी कम है. इसका भार तकरीबन 45 ग्राम है और लम्बाई करीब 3 इंच है. इस ईयररिंग गन में 3 इंच लम्बी 5 एमएम मोटी फोल्डिंग बैरल है. जिसे ईयररिंग गन में फिट कर महिलाएं मनचलों को सबक सिखा सकेंगी. पहला स्विच गन का ट्रिगर है और दूसरा स्विच डायल 112 और डायल 100 नंबर को कॉल करता है. इसे तैयार करने में महज 450 रुपये का खर्च आया है.
(एजेंसी से इनपुट)

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