भारत में 60 प्रतिशत से अधिक ‘मिलेनियल’ यानी 21वीं सदी की शुरुआत में युवा हुए लोग जब अपने अनपढ़े ई-मेलों को इनबॉक्स में पड़े देखते हैं तो चिंतित हो जाते हैं. Also Read - सावधान! ब्लैकमेलिंग के लिए प्रति घंटे 30 हजार मेल भेज रहा मेलवेयर

यह खुलासा एक सर्वेक्षण में सामने आया है. भारत में 600 से अधिक मिलेनियलों के साथ उनके वर्क ई-मेल बिहेवियर पैटर्न को समझने के लिए सर्वेक्षण का आयोजन किया गया था. Also Read - डेली 40% Email को अनदेखा करते हैं ज्यादातर एंप्लॉयीज

आजकल दुनियाभर के सभी मिलेनियल अपने इनबॉक्स को हर समय खाली रखने पर जोर दे रहे हैं. इसे ‘इनबॉक्स जीरो’ की संज्ञा दी गई है. Also Read - दिल्ली के मुख्यमंत्री की बेटी के अपहरण की धमकी, सुरक्षा बढ़ाई गई

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सर्वेक्षण में यह भी पता चला है कि पांच से दो मिलेनियल उस वक्त असहज हो जाते हैं, जब वे दूसरे काम में व्यस्त होने के चलते तीन-चार घंटे ई-मेल देख नहीं पाते.

सुबह जागने पर सबसे पहले वे किस फोन एप का इस्तेमाल करते हैं, इसके जवाब में 59 प्रतिशत ने व्हाट्सएप का उदाहरण दिया. वहीं, 29 प्रतिशत ने सोशल मीडिया एप जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक का उल्लेख किया और केवल 9 प्रतिशत ने ई-मेल कहा.

निष्कर्ष यह भी बताते हैं कि ई-मेल किस तरह कर्मचारी उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) को प्रभावित करते हैं, इस पर कुछ दिलचस्प जानकारियां दी गई हैं.

63 प्रतिशत मिलेनियल ने माना कि उनके लंबे ई-मेल ने उनके कार्यस्थल की प्रोडक्टिविटी में बाधा उत्पन्न की, और उन्हें छोटे या ‘टू द प्वाइंट’ मेल पसंद हैं.
(एजेंसी से इनपुट)

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