आलस करने में कौन आगे होता है, पुरुष या महिलाएं? इस सवाल पर सभी के जवाब अलग-अलग हो सकते हैं. ये भी हो सकता है कि पुरुष, महिला कहें और महिला, पुरुष कहें. पर इसका सही जवाब क्‍या है, हम बताते हैं.Also Read - Miracle: उफनती नदी में गिरी 50 साल की महिला, 16 घंटे तक तैरती रही, ऐसे बचा ली जान

हाल ही में हुई एक रिसर्च में साफ हो गया है कि आलसी कौन ज्‍यादा है. इसमें बताया गया है कि भारत में 35 फीसदी से ज्यादा लोग शारीरिक श्रम करने में आलस करते हैं. Also Read - यूपी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं ले रहीं मीटर रीडिंग, करा रहीं बिजली बिल का भुगतान

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रिसर्च के बाद ये आंकड़े दिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने. WHO के इस सर्वेक्षण के अनुसार, शारीरिक गतिविधियों में सक्रियता नहीं दिखाने के कारण इन(आलसी) लोगों को दिल की बीमारी के साथ-साथ कैंसर, डायबिटिज़ और मानसिक रोगों का खतरा बना रहता है.

रिसर्च में चौंकाने वाली बात सामने आई कि साल 2016 में भारत में शारीरिक श्रम कम करने वाली महिलाएं 50 फीसदी थीं, जबकि पुरुषों के लिए यह आंकड़ा 25 फीसदी था.

दुनियाभर में तीन में से एक महिला पर्याप्त शारीरिक क्रियाकलाप नहीं करती , जबकि पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा चार में से एक है.

हालांकि ये आकंड़ा उच्च आय वाले देशों और निम्‍न आय वाले देशों में अलग-अलग था. उच्‍च आय वाले देशों में शारीरिक श्रम कम करने वालों का आंकड़ा 37 फीसदी है, जबकि मध्यम आय वाले देशों में 26 फीसदी. वहीं, निम्न आय वाले देशों में यह आंकड़ा 16 फीसदी है.