हमारे देश में महिलाएं पूरे परिवार का ध्‍यान रखती हैं पर अपना नहीं रखतीं. कई बार ऐसा होता है कि उन्‍हें हेल्‍थ प्रॉब्‍लम होती है पर वे उसे इग्‍नोर करती रहती हैं.

इन प्रॉब्‍लम्‍स को इग्‍नोर करना कई बार भारी पड़ जाता है. डॉक्‍टर्स भी कहते हैं कि महिलाओं को अपनी हेल्थ को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए.

चूंकि महिलाओं के शरीर में हर माह तमाम तरह के चेंज होते हैं, जिनका असर उनकी हेल्‍थ पर सीधे तौर पर होता है. इसलिए भी उन्‍हें कई बीमारियों को लेकर एलर्ट रहना चाहिए.

– ज्‍यादातर महिलाओं को बार-बार पेशाब जाने की समस्‍या हो जाती है. वे इसे हल्‍के में लेती हैं. पर ऐसा करना कई बार समस्‍या को बढ़ावा देना होता है. क्‍योंकि डॉक्‍टर्स कहते हैं कि ऐसा कई बार इसलिए होता है क्‍योंकि महिलाओं में यूरीन कंट्रोल करने की क्षमता कम होने लगती है. इसलिए अगर ये प्रॉब्‍लम बनी रहे तो डॉक्‍टर से कंसल्‍ट जरूर करें.

– महिलाओं में सबसे ज्‍यादा ब्रेस्ट कैंसर होता है. ज्‍यादातर मौतें भी इसी वजह से होती हैं. अगर सतर्क रहें तो ये बीमारी शुरू में ही पकड़ में आ सकती है. अगली बार जब भी गायनोकोलॉजिस्ट से मिलें, तो ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बात करें.

– महिलाएं जिस बारे में सबसे कम बात करती हैं वो है पीरियड्स से रिलेटिड. पीरियड में अक्सर महिलाओं को दर्द की शिकायत रहती है. इसे वो कमजोरी मानती हैं. कभी-कभी बहुत ज्यादा ब्लड निकलता है तो कभी बहुत कम. पर पीरियड की हर समस्‍या पर डॉक्टर से बात करें.

– गर्भ रोकने के लिए ली जाने वाली दवाओं, गर्भनिरोधक के दूसरे तरीकों पर डॉक्‍टर से बात करें. इनसे शरीर में कई बदलाव और परेशानियां भी होती हैं. इनके प्रति सजग रहें.

– पीरियड अगर लेट हो रहे हैं तो ये जानना जरूरी है कि कितना लेट होना सही है. पीरयिड लेट क्‍यों होता है, इन सवालों के अलावा अपने डॉक्टर से यह पूछना न भूलें कि कितना लेट होने पर इसके लिए परेशान होने की जरुरत होती है.

– महिलाओं में होने वाली आम बीमारी है UTI. इसके बारे में डॉक्टर से जरूर बात करें. इस बीमारी को आप अपने रोजाना के परहेज से दूर रख सकते हैं.