नई दिल्‍ली: इस रविवार को पूरी दुनिया में मदर्स डे मनाया जाएगा. हर साल मई के दूसरे संडे को ये दिन मनाया जाता है और इस साल ये 13 मई को सेलिब्रेट होगा.
मदर्स डे मनाने के पीछे नारी के अधिकारों, उसकी स्‍वतंत्रता जैसे विचार हैं. इस दिन पूरी दुनिया के लोग, मां के प्रति अपने प्‍यार, स्‍नेह और भावनाओं का इजहार करते हैं. हर देश में इसे मनाने का तरीका भी अलग-अलग है. Also Read - Parenting Tips: अगर आपका बच्चा भी रात में टाइम पर नहीं सोता तो अपनाएं ये आसान तरीके

ब्रिटेन
यूके: इंग्लैंड में 17वीं शताब्दी से इस दिन को मनाया जाने लगा. वहां लेंट (इस्‍टर से पूर्व का समय) के चौथे रविवार को ये दिन मनाया जाता था. लोगों को छुट्टी दी जाती थी जिससे वे घर जाएं, मदर चर्च में जाकर पूजा करें. इस दिन मां को सिमनेल केक खिलाया जाता था. Also Read - 23 September 2020 Importance: आज बराबर होते हैं दिन और रात, जानें क्यों होता है 23 सितंबर का दिन खास

जापान
जापान में मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है. इस दिन छुट्टी होती है और लोग अपनी मां को तोहफे देते हैं. Also Read - Mother's Day 2020: माही विज ने शेयर किया पहली बार बच्ची को फीडिंग कराने का अनुभव, कहा- बेहद भावुक होता है वह पल 

फ्रांस
1950 में फ्रेंच लॉ ने Fête des Mères को आधिकारिक तौर पर छुट्टी घोषित कर दिया. इसे मई के आखिरी रविवार को मनाया जाता था. वहां टीचर्स, स्‍टूडेंट्स को मदर्स डे के लिए पोयम याद कराते थे. बच्‍चे मां को उपहार देते थे.

थाईलैंड
यहां हर साल 12 अगस्‍त को मदर्स डे मनाया जाता है. इस दिन बच्‍चे मां के लिए स्‍पेशल प्रोग्राम आयोजित करते हैं. उनके प्‍यार और सम्‍मान में गीत गाते हैं. बच्‍चे मां के पैरों में झुककर उन्‍हें सम्‍मान देते हैं.

नेपाल
नेपाल में मदर्स डे को माता तीर्थ उंसी के नाम से जाना जाता है. इसे बैसाख कृष्‍ण औसी को मनाया जाता है. इस दिन जिन नेपालियों की माएं गुजर गई हैं, वे उनकी याद में आयोजन करते हैं. लोग धार्मिक स्‍नान करते हैं. मंदिर जाते हैं और उनकी आत्‍मा की शांति की प्रार्थना करते हैं.