Motivational Success Story: दुनिया ऐसे लोगों से भरी है जो अगर कुछ करने की ठान लें तो उन्‍हें तमाम अड़चनें, परेशानियां रोक नही सकतीं. ऐसे लोग दुनिया भर के लिए मिसाल बन जाते हैं. Also Read - CBSE टॉपर हंसिका शुक्ला ने बताए सफलता के सीक्रेट्स, कभी नहीं लिया ट्यूशन, सोशल मीडिया से रहीं दूर

इन्‍हीं में से एक हैं KFC ब्रांड के संस्‍थापन कोलोनल सेंडर्स. वही KFC जहां का चिकन आपको बेहद पसंद है. इन्‍हीं की तस्‍वीर आपको ब्रांड के लोगो पर भी दिखाई देती होगी. Also Read - मध्यप्रदेश के गर्वित जैन का हिंदुस्तान में 'हल्ला', पहले प्रयास में बने CA फाउंडेशन के टॉपर, IAS बनने की हसरत को मिला हौसला

कोलोनल 1906 में 16 साल के थे, उन्होंने सेना में भर्ती होने के लिए अपनी उम्र को लेकर झूठ बोला था. फिर 1907 में वे पूरे सम्मान के साथ सेना से अलग हुए. Also Read - ICAI Result 2018: दर्जी के बेटे शादाब हुसैन ने पहले प्रयास में टॉप किया CA फाइनल एग्जाम

20 साल की उम्र में पत्नी छोड़कर, और बच्चे को लेकर जा चुकी थी. उसके बाद एक छोटे से कैफे में एक कुक बने और पत्नी को घर लौटने के लिए मनाया.

65 साल की उम्र में रिटायर हुए. रिटायर होने के बाद उन्‍होंने सोचा कि वे आखिर वसीयत में क्‍या लिखें. उनके पास है क्‍या. वे तो बस अच्‍छे कुक हैं. फिर क्‍या था, उन्होंने $87 उधार लिए. घर की रसोई में ही अपनी पुरानी रेसिपी से थोड़ा चिकन फ्राई कर, दरवाजे से दरवाजे बेचने निकल पड़े.

आपको जानकर हैरानी होगी कि कई रेस्टोरेंट वालों ने उनके चिकन को रिजेक्‍ट कर दिया. हजारों रिजेक्‍शन मिलने के बाद उन्‍होंने अपना ही ब्रांड बनाने की सोची.

Colonel Sanders को 1009 रिजेक्‍शन के बाद हां मिली. तब उन्‍होंने वो व्यापार शुरू किया. जो आज अरबों का है और KFC के नाम से जाना जाता है.

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