लंबे समय से हमारे देश में सरसों के तेल का उपयोग होता आया है. इसे तेलों में सबसे बेहतर माना जाता रहा है.

अब तो इसे वैश्‍विक तौर पर नई पहचान भी मिली है. दुनिया भर के शेफ इसे अपना रहे हैं.

पुरी ऑयल मिल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विवेक पुरी कहते हैं, ‘स्वस्थ खाना पकाने के माध्यम के रूप में सरसों तेल की स्वीकार्यता में तेजी आई है’.

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लीला पैलेस नई दिल्ली में जापानीज फाइल डिनर, मेगु के प्रमुख शेफ शिमोमुरा कजुया कहते हैं, ‘सरसों के तेल का उपयोग खाना बनाने और चिकित्सा दोनों में किया जाता है. इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 वसायुक्त अम्ल (फैट्टी एसिड) होता है और संतृप्त वसा की कम मात्रा होती है. सरसों का तेल न केवल खाने के स्वाद और फ्लेवर में बढ़ोतरी करता है बल्कि त्वचा, ज्वाइंट, मांसपेशियों और दिल के रोगों को भी समाप्त करता है. इसका प्रयोग मेरीनेशन, सलाद, फ्राई करने के लिए और प्रिजरवेशन के लिए होता है’.

मेट्रोपोलिटन होटल एंड स्पा के एफ एंड बी प्रमुख राजेश खन्न ने कहा, ‘सरसों तेल से खाना पकाने का बहुत फायदा है. इसके काफी मात्रा में ओमेगा-3 और ओमेगा 6 वसायुक्त अम्ल के अलावा मोनोअनसैचुरेटेड (एमयूएफए) और पॉलीसैचुरेटेड (पीयूएफए) वसायुक्त अम्ल होता है. ये वसा अच्छे होते हैं, क्योंकि यह इस्केमिक दिल के रोग के खतरे को लगभग आधा कर देते हैं’.

इसके तीखे स्वाद की वजह से यह बंगाली डिशेज जैसे माछेर झोल, झालमुरी और मुरी घोंटा में स्वाद बढ़ाने के काम में आता है.

खन्ना ने कहा, ‘खाना पकाने के दौरान हमें इसे अत्यधिक गरम नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे उपयोगी तत्व समाप्त हो जाते हैं और कुछ हानिकारक अवयवों का निर्माण हो जाता है। इसे बाजार का सबसे स्वस्थ्यकर तेल माना जाता है’.

इस संबंध में हुए अध्ययन ने तेल की उपयोगिता की पुष्टि की है, जिसे बोस्टन स्थित हवार्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन, नई दिल्ली स्थित एम्स और बंगलुरू स्थित संत जोंस अस्पताल ने मिलकर किया है. यह रिपोर्ट अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिीनिक न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुई थी.

अध्‍ययन में खुलासा
इस अध्ययन में भारतीयों की आहार की आदतों और उसका हृदय रोगों से सह संबंधों के बारे में पता लगाया गया और पता चला कि सरसों तेल का प्राथमिक खाना पकाने वाले माध्यम के रूप में प्रयोग करने से कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) की घटनाओं में 71 प्रतिशत तक कमी आती है.

डॉक्‍टर्स की राय
मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीसैचुरेटेड परिपेक्ष्य की ओर देखे तो, मैक्स अस्पताल, गुरुग्राम के कार्डियोलोजी के प्रमुख अरविंद दास ने कहा कि घर में पिसे सरसों तेल में वसायुक्त अम्ल होता है जोकि ‘खराब कोलेस्ट्रोल को कम’ करने में सहयोग करता है.
रेडिसन होटल समूह के कॉरपोरेट कार्यकारी शेफ राकेश सेट्ठी ने कहा, ‘ना केवल खाना पकाने में बल्कि यह प्रिजरवेशन के लिए भी अच्छा है. अधिकतर आचार को इसी में रखा जाता जाता है’.

नेचुरल सनस्‍क्रीन
चिकित्सकीय मूल्यों की बात करें तो सरसों के तेल को प्राकृतिक सनस्क्रीन के तौर पर माना जाता है. जब इसे नारियल के तेल में मिलाकर प्रयोग किया जाता है तो यह एक संपूर्ण हेड मसाज के लिए तैयार हो जाता है और यह एंटी-बैक्टिेरियल के रूप में काम करता है.
(एजेंसी से इनपुट)

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