National Youth Day 2022: स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है?

National Youth Day 2022: स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने के लिए 1984 में भारत सरकार की तरफ से घोषणा की गई थी. जिसका उद्देश्य विवेकानंद की विचारधारा को विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करना था.

Updated: January 12, 2022 8:09 AM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Manoj Yadav

swami vivekananda
(FILE PHOTO)

National Youth Day 2022: आज यानी 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती (Swami Vivekananda Jayanti) को राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) के रूप में मनाया जाएगा. इसे मनाने का मुख्य लक्ष्य भारत के युवाओं के बीच स्वामी विवेकानंद ((Swami Vivekananda) के आदर्शों और विचारों के महत्व का प्रसार करना है. स्वामी विवेकानंद ((Swami Vivekananda) के जन्म दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मनाने के लिये 1984 में भारत सरकार द्वारा घोषणा की गई.

Also Read:

1985 में, भारत सरकार ने एक नोट बनाया जिसका उद्देश्य विवेकानंद की विचारधारा को विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करे. उनके जीवन को आकार देने में मददगार साबित हो. तब से ही स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है.

राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य

स्वामी विवेकानंद ((Swami Vivekananda) की जयंती का उद्देश्य विवेकानंद की शिक्षा एवं आदर्शों को भारतीय युवाओं के लिए रोल मॉडल के रूप में पेश किया जाना है. इस दिन देश भर के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. देश के कोने-कोने में इस खास मौके पर रैलियां निकाली जाती हैं, योगासन की स्पर्धा आयोजित की जाती है, पूजा-पाठ होता है, व्याख्यान होते हैं, विवेकानन्द साहित्य की प्रदर्शनी लगती है.

स्वामी विवेकानंद का असली नाम नरेंद्र नाथ था

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था. इनका असली नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था. वे वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे. छोटी उम्र से ही उनकी झुकाव आध्यात्म की ओर हो गया था. पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद जब वह 25 साल के हुए तो अपने गुरु से प्रभावित होकर नरेंद्रनाथ ने सांसारिक मोह माया त्याग दी और संन्यासी बन गए.

स्वामी विवेकानंद को धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य का ज्ञान था. शिक्षा में निपण होने के साथ-साथ वे भारतीय शास्त्रीय संगीत का भी ज्ञान रखते थे. इसके अलावा विवेकानंद जी एक एक अच्छे खिलाड़ी भी थे. वह युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं. उन्होंने कई मौकों पर अपने अनमोल विचारों और प्रेरणादायक वचनों से युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. इसीलिए स्वामी विवेकानंद जी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें देश की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

Published Date: January 11, 2022 6:48 PM IST

Updated Date: January 12, 2022 8:09 AM IST