वैज्ञानिकों ने एक नई दवा की खोज की है. इस दवा की खास बात ये है कि ये याददाश्त जाने, तंत्रिका क्षति और अल्जाइमर रोग के अन्य लक्षणों से बचा सकती है. Also Read - World Alzheimer Day 2020: विश्व अल्जाइमर दिवस आज, जानिए किन लोगों में होती है भूलने की बीमारी और क्या है इसके लक्षण

इस प्रीक्लिनिकल शोध की रिपोर्ट को जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी एंड एक्सपेरीमेंटल थेरेप्यूटिक्स में प्रकाशित किया गया है. इसमें पाया गया कि दवा-बीपीएन14770-अमलॉइड बीटा के प्रभावों को रोकती है. अमलॉइड बीटा, अल्जाइमर प्रोटीन का हॉलमार्क है, जो तंत्रिका कोशिकाओं के लिए विषाक्त होता है. Also Read - World Alzheimer Day 2020: हमेशा रहते हैं चिड़चिड़ेपन और भूलने की बीमारी से परेशान, तो हो सकते हैं अल्जाइमर के शिकार

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टेट्रा थेरेप्यूटिक्स के विकास के तहत बीपीएन14770 उन प्रक्रियाओं को सक्रिय करने में मदद कर सकती है, जो तंत्रिका के स्वास्थ्य में सहयोग करती हैं और डिमेंशिया को रोकती है.

बुफालो यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर शोधकर्ता यिंग जू ने कहा, “इस तरह के अवलोकन का मतलब है कि अल्जाइमर पैथोलॉजी को कुछ हद तक मस्तिष्क द्वारा कुछ हद तक बर्दाश्त किया जा सकता है, ऐसा प्रतिपूरक प्रक्रिया के कोशिकीय व सिनेप्टिक स्तर पर चलने की वजह से है.”

जू ने कहा, “हमारे नए शोध के अनुसार, बीपीएन14770 मल्टीपल बॉयोलॉजिकल प्रक्रियाओं को सक्रिय करने में सक्षम हो सकती है, यह प्रक्रियाएं दिमाग को याददाश्त की कमी, तंत्रिका संबंधी क्षति व बॉयोकेमिकल हानि से रोकती है.”