शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो टीनेजर्स कभी किसी रोमांटिक रिश्ते में नहीं रहे हैं, उनमें डेट करने वालों की तुलना में सामाजिक कौशल बेहतर होता है और उनमें अवसाद की मात्रा भी बेहद कम होती है.

शोध में पाए गए नतीजे इस बात का खंडन करते हैं कि नॉन-डेटर्स या जो डेट नहीं करते हैं, वे परेशान रहते हैं. शोधकर्ताओं ने कहा कि जिन स्कूलों में स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जाता है वहां नॉन-डेटिंग को बेहतर स्वास्थ्य के विकास के एक विकल्प के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए.

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जॉर्जिया विश्वविद्यालय के स्टडी लीड ऑर्थर ब्रुक डॉग्लस ने कहा, “अंत में स्कूल में स्वास्थ्य के बारे में बताने वाले शिक्षकों, मानसिक स्वास्थ्य के पेशेवरों और टीचर्स को उन सामाजिक मानदंडों की पुष्टि करनी चाहिए, जो किशोर-किशोरियों के व्यक्तिगत स्वतंत्रता का समर्थन करें. ताकि वह यह निश्चित कर सकें कि डेट किया जाना चाहिए या नहीं, क्योंकि दोनों ही स्वीकार्य और हेल्दी ऑप्शंस हैं.”

इस अध्ययन को स्कूल हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित किया गया, जिसमें कक्षा 10 के 594 विद्यार्थियों को शामिल किया गया था. शोधकर्ताओं ने इन्हें चार श्रेणियों में बांट दिया था और टीचर रेटिंग्स व उन्हें दी गई प्रश्नावली का उपयोग कर उनकी तुलना की गई.