
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बढ़ते मोटापे पर चिंता व्यक्त करते हुए एक कार्यक्रम में फिटनेस के महत्व को बेहद जरूरी बताया. इस पर मशहूर फिटनेस कोच डॉ. मिकी मेहता ने कहा कि मोटापा न केवल हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह रोगों से लड़ने की क्षमता को भी कमजोर करता है.
रूटीन में इन चीजों को दें जगह-
मिकी मेहता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोटापे के गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों पर जो प्रकाश डाला है, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है. मोटापा न केवल हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर करता है, जिससे शरीर संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है. इसके अतिरिक्त, मोटापे के कारण श्वसन, पाचन, एकाग्रता और ऊर्जा स्तर में कमी जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं. मोटापे के कारण व्यक्ति की रचनात्मकता, नींद की गुणवत्ता और समग्र जीवन शक्ति प्रभावित होती है, जिससे जीवन की गुणवत्ता में गिरावट आती है. इस चुनौती का सामना करने के लिए, योग, प्राणायाम, संतुलित आहार, आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपचारों को अपनाना लाभकारी हो सकता है. यदि भारत को विश्वगुरु बनना है, तो हमें मोटापे के खिलाफ एक सशक्त लड़ाई लड़नी होगी.”
मोटापे के मुख्य कारण-
उन्होंने कहा, “आजकल, बच्चों में भी मोटापे की समस्या बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण जंक फूड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन है. यह अत्यंत हानिकारक है और इसे रोकने के लिए हमें एक स्वस्थ जीवनशैली अपनानी होगी. इसके लिए, नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना आवश्यक है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए फिट इंडिया मूवमेंट ने देश में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इस पहल के तहत, हमें अपनी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना चाहिए. विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को खेलकूद, योग और प्राणायाम के लिए प्रेरित करना चाहिए. दिन के 30 प्रतिशत समय को इन गतिविधियों के लिए समर्पित करना लाभकारी हो सकता है.”
फिटनेस कोच ने कहा, “समय हमारे नियंत्रण में है और यदि हम चाहें तो इसे अपने लाभ के लिए उपयोग कर सकते हैं. शुरुआत में, प्रतिदिन केवल पांच मिनट निकालकर गहरी सांस लेना, व्यायाम करना शुरू करें. धीरे-धीरे एक साल में इस समय को बढ़ाकर 60 मिनट तक ले जाएं. यह छोटा सा परिवर्तन आपके जीवन में बड़ा अंतर ला सकता है और आपको स्वस्थ और ऊर्जावान बना सकता है. इसके साथ ही, हमें अपने आहार में सुधार करना चाहिए। पारंपरिक भारतीय आहार, जिसमें गाय का घी शामिल है, पौष्टिकता, प्रतिरक्षा और जीवन शक्ति बढ़ाने में सहायक है. मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती के लिए भी यह लाभकारी है. इसलिए, रिफाइंड और प्रोसेस्ड तेलों की बजाय कच्ची घानी का तेल और गाय का घी उपयोग में लाएं.”
उन्होंने कहा, “मैं स्वयं फिट इंडिया मूवमेंट का समर्थक हूं और इस जागरूकता को फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हूं. हमें इस आंदोलन के तहत उपलब्ध योजनाओं का पालन करना चाहिए और विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को खेलकूद और योग के लिए प्रेरित करना चाहिए. यदि हम नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों में संलग्न होते हैं, तो न केवल हमारा स्वास्थ्य सुधरेगा, बल्कि हमारा देश भी सशक्त बनेगा.”
input-आईएएनएस
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Lifestyle की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.