शोधकर्ताओं ने पाया है कि वजनदार शिशुओं में बचपन की फूड एलर्जी या एक्जिमा से पीड़ित होने की संभावना ज्यादा होती है. यह शोध जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित हुआ है.

शोधकर्ताओं की टीम ने मानवों पर किए गए पूर्व के अध्ययनों का आकलन करते हुए यह समीक्षा की है.

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15,000 शोध की स्क्रिनिंग करने के बाद उन्होंने 42 की पहचान की है, जिसमें 20 लाख से ज्यादा एलर्जी पीड़ितों का डाटा शामिल है.

ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड यूनिवर्सिटी की कैथी गैटफोर्ड ने कहा, “हमने जन्म के समय वजन व गर्भकालीन उम्र व बच्चों व वयस्कों के एलर्जी संबंधी बीमारियों की घटनाओं का विश्लेषण किया.”

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गैटफोर्ड ने कहा, “बच्चे के जन्म के समय वजन में प्रत्येक किलोग्राम की वृद्धि से बच्चे में फूड एलर्जी का 44 फीसदी खतरा बढ़ता है या एक्जिमा होने का 17 फीसदी खतरा होता है.”

इसमें से ज्यादातर शोध विकसित देशों के बच्चो पर किए गए, जिसमें ज्यादातर यूरोपीय हैं.

क्या है खतरा
डॉक्टर्स के अनुसार मोटापे की वजह से स्ट्रोक, कैंसर, प्रजनन क्षमता में कमी, दिल, ऑस्ट्रियोआर्थराइटिस, टाइप 2 डाइबिटीज, पित्ताशय की बीमारी, सांस, उच्च रक्तचाप, लिवर में मोटापा, नर्व डिसऑर्डर जैसी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं.

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